
पति के गुनाह से बेखबर दिनभर रोती-बिलखती रही दिव्यांग पत्नी
केलवा. दो माह का बच्चा रोता-बिलखता रहा, मगर सुनने-बोलने में अक्षम मां न कुछ सुन पा रही थी और न ही किसी से मदद के लिए कुछ बोल पाई। घर की चाबी कहीं गुम गई, तो दिनभर सडक़ पर घूमती रही। फिर भी किसी ने सुध नहीं ली। इस पर पत्रिका ने जिला कलक्टर श्यामलाल गुर्जर को हालात से अवगत कराया, तब केलवा पुलिस ने उसे उदयपुर के नारी निकेतन में प्रवेश दिला दिया।
यह दर्दभरी दास्ता है भाणा निवासी मीराबाई कुमावत की हत्या के आरोपी डोडेलाव वाडिय़ा, रायपुर (पाली) हाल देवपुरा (केलवा) निवासी चुनसिंह पुत्र कूपसिंह रावत की पत्नी की। उसकी पत्नी दिव्यांग है, जो न सुन पाती है और न ही बोलने में समक्ष है। ऐसे में जब पुलिस उसके पति चुनसिंह को गिरफ्तार कर ले गई, मगर वह न तो उसके पति के गुनाह का समझ पाई और न ही पुलिस द्वारा उठा ले जाने का कारण जान पाई। रात गुजरने के बाद भी पति घर नहीं लौटा, मगर उसके बाद भी दिव्यांग की बेबसी के कारण कुछ नहीं कर पाई और दिनभर रह रहकर रोती- बिलखती रही। उसके दो माह का बच्चा भी बिलख रहा था, मगर अपने ही बच्चे चुप कराने की उसे सुध नहीं है। इस बेबसी के बावजूद पंचायत व प्रशासन ने कोई सुध ली। हालांकि केलवा थाने के जवान जयदीप सिंह ने खाने-पीने का प्रबंध कर उदारता का परिचय दिया। इसके बाद केलवा पुलिस देवपुरा पहुंची और उसे थाने लाया गया, जहां खाने-पीने का प्रबंध करने के बाद उसे उदयपुर के नारी निकेतन भिजवा दिया, जहां महिला के साथ बच्चे का भी पालन-पोषण हो सकेगा।
डर गई, सहम उठी
चुनसिंह को पुलिस द्वारा ले जाने के बाद उसकी पत्नी काफी डर गई और घबरा गई, मगर उस वक्त पुलिस भी उसकी दिव्यांगता को नहीं समझ पाई। उस वक्त वहां के लोगों के भी कुछ नहीं बताया। पुलिस के आने पर वह काफी घबरा गई, मगर आस पड़ोस के लोगों ने जब कुछ इशारों में समझाया व ढ़ांढस बंधाया, तब व शांत हुई। फिर भी दिनभर रह रहकर उसकी आंखों से अविरल आंसू निकलते ही रहे।
महिला को भेजा उदयपुर
भाणा की महिला की हत्या के आरोप में कांकरोली पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी की पत्नी दिव्यांग है। इस कारण वह बच्चे को पालन भी अक्षम है। उसकी सुरक्षा व सुविधा के लिहाज से उसे उदयपुर नारी निकेतन भिजवा दिया गया।
दीपक कुमार, थाना प्रभारी केलवा
Published on:
19 Nov 2018 11:23 am
