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EXCLUSIVE : विधानसभा की चुनावी सरगर्मी में भी घट गई शराब की बिक्री

गत वर्ष के मुकाबले नवम्बर में 20 फीसदी तक शराब की खपत कम
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EXCLUSIVE : विधानसभा की चुनावी सरगर्मी में भी घट गई शराब की बिक्री

राजसमंद. अक्सर चुनाव की सरगर्मी के साथ ही शहर-देहात में शराब का सरूर सिर चढक़र बोलने लगता था, मगर इस बार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद नवम्बर माह में गत वर्ष के मुकाबले 20 फीसदी तक शराब की खपत घट गई है। काबछबली व मंडावर के साथ दर्जनभर पंचायतों ने शराब का प्रलोभन देने वाली प्रत्याशी या पार्टियों को वोट नहीं देने का खुला एलान कर दिया, जिससे भी शराब की बिक्री में गिरावट माना जा रहा है। नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र में 25 प्रतिशत तक शराब की खपत कम हुई है, जबकि कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में खपत कुछ बढ़ी है। सवाल उठ रहे हैं कि प्रशासन की सख्ती का असर है या तस्करी से आपूर्ति बढऩे से ठेकों की शराब बिक्री घटी है ?

जानकारी के अनुसार नवम्बर 2017 व नवम्बर 2018 में शराब बिक्री का तुलनात्मक अध्ययन करने पर शराब बिक्री बढऩे की बजाय घट गई है। राजसमंद, नाथद्वारा, कुंभलगढ़ व भीम विधानसभा क्षेत्र में देसी, अंगे्रजी व बियर की बिक्री में 2 से 25 फीसदी तक घट गई है। काछबली, मंडावर, बरजाल, थानेटा सहित एक दर्जन से ज्यादा पंचायतों की महिलाओं व ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दे दी कि अगर कोई प्रत्याशी या उनके समर्थकों द्वारा शराब का प्रलोभन दिया जाएगा, तो वोट नहीं देंगे। नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र में एक भी पंचायत द्वारा शराब नहीं पीने का एलान नहीं करने के बावजूद शराब की खपत काफी कम हुई है।

विरोध किया, फिर भी ज्यादा पी शराब
भीम विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने चुनाव में शराब का प्रलोभन स्वीकार नहीं करने व नहीं पीने का खुला एलान करते हुए जिला प्रशासन तक को लिखित ज्ञापन दिए। फिर भी भीम क्षेत्र के लोगों ने जमकर शराब का नशा किया। आबकारी विभाग द्वारा माना जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में शराबबंदी के एलान होने से शराब की बिक्री प्रभावित हुई है।

पिछले चुनाव में 47 प्रकरण
वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता की समयावधि में आबकारी विभाग में 47 प्रकरण दर्ज हुए थे, जबकि इस बार 6 अक्टूबर से अब तक 51 प्रकरण दर्ज हो चुके हैं और मतदान दिवस को चार दिन शेष है। इससे भी स्पष्ट है कि गत चुनाव के मुकाबले इस बार निर्वाचन विभाग कार्रवाई के प्रति काफी सख्त रहा।

तस्करी की शराब आपूर्ति बढ़ी
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले ही हरियाणा, चंडीगढ़ से शराब के साथ अन्य मादक पदार्थों की तस्करी बढ़ गई। आबकारी विभाग के साथ पुलिस द्वारा लाखों रुपए की अंगे्रजी शराब जब्त भी की गई है। आबकारी विभाग ने भी आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक करीब सात लाख से ज्यादा की शराब जब्त की है। भीम, राजसमंद व नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र से पुलिस व आबकारी ने तस्करी की शराब पकड़ी है, जबकि कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में अब तक ऐसा कोई बड़ा मामला पकड़ में नहीं आई। हालांकि अफीम व डोडा पोस्त चारभुजा पुलिस द्वारा जरूर पकड़ा गया।
अवैध शराब पर अब तक हुई कार्रवाई

हां, घटी शराब बिक्री
गत वर्ष के मुकाबले इस बार देसी, अंगे्रजी व बियर की बिक्री में गिरावट रही है। चुनाव आयोग की सख्ती व ग्रामीण क्षेत्र में शराबबंदी के एलान से भी शराब की खपत कम हुई है। निर्वाचन विभाग की सख्त निगरानी का भी असर है।
रियाजुद्दीन उस्मानी, जिला आबकारी अधिकारी राजसमंद

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