महिलाओं की तरक्की में समृद्धि केन्द्र हस्तांतरण का रोड़ा, मंत्री ने एक साल पहले काट दिया था फीता

महिलाओं की तरक्की में समृद्धि केन्द्र हस्तांतरण का रोड़ा, मंत्री ने एक साल पहले काट दिया था फीता

Laxman Singh Rathore | Publish: Jul, 13 2018 02:53:08 PM (IST) Rajsamand, Rajasthan, India

धनलक्ष्मी केन्द्र एक पर एक साल से कुण्डली मारे बैठा है पंचायती राज विभाग
महिला अधिकारिता विभाग को करना था सुपुर्द

राजसमंद. महिलाओं की तरक्की में सरकारी उदासीनता आड़े आ रही है। महिलाओं को स्वरोजगार दिलाने के लिए राज्य सरकार की ओर से संचालित धनलक्ष्मी योजना के तहत बना केन्द्र एक साल से पंचायती राज विभाग के पास है, जबकि इसे महिला अधिकारिता विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाना था।

 

पंचायत समिति, राजसमंद ने भवन निर्माण पर २४ लाख रुपए खर्च किए। फर्नीचर का काम न हो पाने से कई महीनों तक काम अटका रहा था। ठेकेदार की उदासीनता से अटका काम जब हाल ही में पूरा हो गया, तब भी हस्तांतरण को लेकर अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं।

यह केन्द्र इसलिए बनाया गया, ताकि महिलाओं को हस्तशिल्प उत्पादों को बेचने के लिए मंच मिल सके। नए उत्पाद बनाने के लिए इस केन्द्र पर प्रशिक्षण देने की भी योजना है। पंचायत समिति ने नवनिर्मित धनलक्ष्मी केन्द्र को महिला अधिकारिता विभाग को सुपुर्द नहीं किया। जिम्मेदारों की लापरवाही से सैकड़ों गरीब महिलाओं के रोजगार का सपना अधूरा है।
विभाग ने कई
बार भेजा पत्र
महिला अधिकारिता विभाग ने कई बार पंचायत समिति, राजसमंद को पत्र भेजकर भवन हस्तांतरित करने को कहा। भवन न मिलने से महिला रोजगार योजनाओं में आ रही परेशानी से भी अवगत कराया। दर्जनों पत्रों का अभी तक पंचायत समिति ने कोई जवाब नहीं दिया है, न ही कोईकार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।

एक वर्ष पूर्व हो गया था लोकार्पण
१२ मई, २०१७ को उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने केन्द्र का लोकार्पण किया था। बताया गया कि ठेकेदार ने टेंडर के दौरान नियम-शर्तों की पूरी जानकारी लिए बिना ही काम चालू कर दिया था। ठेकेदार को पता चला कि फर्नीचर का काम भी उसे ही पूरा करना है, तो उसने काम अटका दिया।

 

भवन की कमी से मुश्किल
महिला थाना और महिला अधिकारिता विभाग, दोनों ही अपने खुद के भवन की कमी से जूझ रहे हैं। महिलाओं से जुड़े दो महत्वपूर्ण विभागों के साथ सौतला बर्ताव हो रहा है। वर्तमान में महिला अधिकारिता विभाग जिला परिषद में अस्थाई तौर पर एक कमरे संचालित हो रहा है, वहीं महिला थाना कांकरोली पुलिस थाना परिसर में ही दो कमरों में चल रहा है।

जल्द हस्तांतरण करेंगे
&महिला धनलक्ष्मी केन्द्र को जल्द ही महिला अधिकारिता विभाग को सौंप दिया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया जारी है।
मधुसूधन रत्नू,
विकास अधिकारी, राजसमंद

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