
Abdullah Azam: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र प्रकरण में 18 अक्तूबर को फैसला आ सकता है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम का बहस के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग को लेकर दाखिल किया गया रिवीजन सोमवार को खारिज कर दिया था। मामले में अब्दुल्ला आजम की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने बहस की जबकि सरकार की ओर से हाईकोर्ट के सहायक महाधिवक्ता (एएजे) ने दलीलें पेश कीं।
मामला 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव का है। उन दिनों अब्दुल्ला आजम रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते भी थे। इस चुनाव को उनके विरोधी उम्मीदवार और बीएसपी के नेता रहे नवाब काजिम अली खान ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
फर्जी पाया गया था जन्म प्रमाण पत्र
उन्होंने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला की उम्र विधायक का चुनाव लड़ने लायक नहीं है। शैक्षिक प्रमाण पत्रों में अब्दुल्ला की जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 है, जबकि बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर उनका जन्म 30 सितंबर 1990 को हुआ है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए अब्दुल्ला की ओर से पेश किए गए जन्म प्रमाण पत्र को फर्जी पाया था और स्वार सीट से उनका चुनाव रद कर दिया था।
25 साल से कम थी अब्दुल्ला की उम्र
कोर्ट ने पाया था कि साल 2017 में चुनाव लड़ने के दौरान अब्दुल्ला की उम्र 25 साल से कम थी। इसके बाद इस मामले में नया मोड़ तब आया जब रामपुर से बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में रामपुर के गंज थाने में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो जन्म प्रमाणपत्र होने का मामला दर्ज कराया। इसमें आजम और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा को भी आरोपी बनाया गया।
बीजेपी विधायक का आरोप
रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से अब्दुल्ला आजम ने वर्ष 2017 में जब विधानसभा का चुनाव लड़ा था तो शफीक अंसारी उनके प्रस्तावक थे, अब शफीक अंसारी अपना दल में हैं और स्वार से विधायक बन गए हैं। अब्दुल्ला आजम खान के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना का आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किया था। अब कल इस केस में रामपुर की अदालत से फैसला आने वाला है।
Updated on:
17 Oct 2023 10:26 pm
Published on:
17 Oct 2023 10:23 pm
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