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आजम खान परिवार का बड़ा फैसला: जौहर ट्रस्ट से किनारा, 30 से अधिक मामलों में घिरी संस्था

Rampur News: कानूनी मामलों के दबाव के बीच आजम खां परिवार ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से खुद को अलग कर लिया है।

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आजम खान परिवार का बड़ा फैसला | Image - FB/@AbdullahAzamKhan

Azam khan family exits jauhar trust Rampur: कानूनी दबाव बढ़ने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके परिवार ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से खुद को औपचारिक रूप से अलग कर लिया है। यह ट्रस्ट आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाली जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूलों का संचालन करता है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट पर इस समय 30 से अधिक कानूनी मुकदमे चल रहे हैं, जिनके चलते इसके प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है।

ट्रस्ट की कमान बहन को सौंपी गई

नए फैसले के तहत आजम खां की बहन निकहत अफलाक को ट्रस्ट का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। पहले इस ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वयं आजम खां थे और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा सचिव के पद पर थीं। वहीं, दोनों बेटे अदीब आजम और अब्दुल्ला आजम ट्रस्ट के सदस्य के रूप में कार्यरत थे।

परिवार ने क्यों छोड़ा ट्रस्ट का साथ?

जानकारी के अनुसार, कानूनी मामलों और प्रशासनिक चुनौतियों के कारण ट्रस्ट के संचालन में लगातार बाधाएं आ रही थीं। जब आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और पत्नी डॉ. तजीन फात्मा जेल में बंद थे, तब ट्रस्ट से जुड़े संस्थानों के प्रबंधन में गंभीर असुविधाएं सामने आईं। इसी के चलते ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी गठित करने का निर्णय लिया गया।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की पुष्टि

जौहर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार एसएन सलाम ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी अस्तित्व में आ चुकी है। उन्होंने बताया कि निकहत अफलाक को अध्यक्ष और मोहम्मद अदीब आजम को सचिव नियुक्त किया गया है, ताकि संस्थानों का संचालन सुचारू रूप से जारी रखा जा सके।

दो पैन कार्ड मामले में अगली सुनवाई

सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ चल रहे दो पैन कार्ड मामले में उनकी अपील पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में होगी।

सजा के खिलाफ दायर हुई अपील

गौरतलब है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हाल ही में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड रखने के मामले में सात साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष ने सजा को चुनौती दी है, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से सजा बढ़ाने की मांग की गई है। दोनों ही अपीलों पर अब 27 जनवरी को सुनवाई होगी।