जयाप्रदा को मिला अमर सिंह का साथ, आजम खान की लोकसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए जाएंगी हाईकोर्ट

जयाप्रदा को मिला अमर सिंह का साथ, आजम खान की लोकसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए जाएंगी हाईकोर्ट

lokesh verma | Updated: 13 Jun 2019, 02:35:56 PM (IST) Rampur, Rampur, Uttar Pradesh, India

  • खबर की खास बातें-
  • अमर सिंह बोले- लाभ के पद पर रहते हुए सांसद बने आजम खान
  • जयाप्रदा की ओर से आजम खान के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल किया जाएगा वाद
  • जयाप्रदा ने दिया था सोनिया गांधी और जया बच्चन का उदाहरण

रामपुर . पूर्व सांसद जयाप्रदा ने रामपुर लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद आजम खान के निर्वाचन को अवैध घोषित करने को लेकर मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में अब जयप्रदा को राज्यसभा सदस्य अमर सिंह का साथ भी मिल गया है। इसको लेकर अमर सिंह ने जयप्रदा के साथ बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। मुलाकात के बाद अमर सिंह ने कहा है कि जयाप्रदा की ओर से हाईकोर्ट में आजम खान की लोकसभा सदस्यता को रद्द करने के लिए वाद दाखिल किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- Video: आजम खान ने जनसभा में दिया ऐसा भाषण की उग्र हो गई भीड़, पुलिस अधिकारी की तरफ बढ़ी और...

amar singh

राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निजी मुलाकात है। इसको अन्यथा न लिया जाए। उन्होंने बताया कि जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री नहीं थे तब भी उनसे हमारे अच्छे संबंध थे। मैं कामना करता हूं कि योगी आदित्यनाथ अनंतकाल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री बने रहें। वहीं उन्होंने आजम खान पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि आजम खान जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में लाभ के पद पर हैं। इस पद पर रहते हुए वह पहले विधायक और अब सांसद बन गए हैं, जो नियमों के विपरीत है। इसको लेकर उन्हें काेर्ट का एक नोटिस भी जारी हो चुका है।

उन्होंने कहा कि आजम खां की सदस्यता को रद्द करते हुए और चुनावी खर्च से बचते हुए दोबारा चुनाव न कराकर 2019 के लोकसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रही जयाप्रदा को सांसद बनाने की मांग की जाएगी। साथ ही सपा सरकार में जौहर विश्वविद्यालय के नाम पर जमा की गई अकूत संपत्ति की भी जांच करने की मांग की जाएगी।

यह भी पढ़ें- चुनाव जीतते ही सपा नेता आजम खान ने 21 जून को यह काम करने का किया ऐलान

azam khan

जया प्रदा बोलीं- आजम खान ने किया संविधान का उल्लंघन

बता दें कि हाल ही में पूर्व सांसद जयाप्रदा ने निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर रामपुर लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद आजम खान का निर्वाचन अवैध घोषित कर शून्य करार दिए जाने की मांग की थी। जया प्रदा ने कहा था कि आजम खान ने 2 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन दाखिल किया था। उस समय आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के कुलापति थे यानी लाभ के पद पर थे। यह अनुच्छेद 102(1) ए व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सेक्शन (section) 9(ए) के अलावा संविधान के अनुच्छेद 191(1)ए का उल्लंघन है।

यह भी पढ़ें- Video: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से पुरुष्कृत इस बहादुर बेटी के हत्यारों को आज मिलेगी सजा, जानें क्या है पूरा मामला

jaya prada

सोनिया गांधी और जया बच्चन का उदाहरण

जयाप्रदा ने कहा था कि आजम खान ने रामपुर की जनता और चुनाव आयोग को धोखा में रखा है। उस दौरान उन्होंने 2006 में सोनिया गांधी व जया बच्चन की सदस्यता खत्म होने का भी हवाला दिया था। उन्होंने बताया था कि 2006 में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को लोकसभा से इस्तीफा ने देकर रायबरेली से फिर से चुनाव लड़ना पड़ा था, क्योंकि सांसद होने के साथ वह राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के पद पर भी तैनात थीं। वहीं 2006 में ही जया बच्चन भी राज्यसभा सांसद होने के साथ उत्तर प्रदेश फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष थी। इसलिए उनकी सदस्यता भी खत्म हो गई थी।

UP News से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Uttar Pradesh Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned