
आजम-अब्दुल्ला पैन कार्ड केस में कोर्ट का सख्त रुख | Image - FB/@AbdullahAzamKhan
Azam Abdullah Pan Card Case: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान से जुड़े चर्चित दो पैन कार्ड मामले में सोमवार को सेशन कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। यह सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ दायर अपील पर केंद्रित रही। अदालत में इस केस को लेकर काफी गंभीर माहौल देखने को मिला, जहां दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं और मामले को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों से मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और साक्ष्यों पर विस्तार से जवाब देने को कहा। विशेष रूप से वर्ष 2017 के चुनाव से जुड़ी याचिका की पूरी कानूनी प्रक्रिया का ब्यौरा मांगा गया, जो इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चली थी। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया कि बिना ठोस दस्तावेजों के किसी भी पक्ष की दलील को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकार की ओर से अपर महा अधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने अपने मुवक्किल का पक्ष रखते हुए कई कानूनी बिंदुओं पर जोर दिया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिससे यह साफ हो गया कि मामला कानूनी रूप से बेहद जटिल और संवेदनशील है।
इस दौरान अदालत ने दो अलग-अलग जन्मतिथि से जुड़े विवाद पर भी सवाल उठाए और इसके समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि अब तक कौन-कौन से साक्ष्य पेश किए जा चुके हैं और एमपी-एमएलए कोर्ट ने सजा सुनाते समय किन आधारों को महत्वपूर्ण माना था। इससे साफ है कि अदालत हर पहलू को गहराई से परखने के मूड में है।
गौरतलब है कि अब्दुल्लाह आजम के खिलाफ दो पैन कार्ड होने का मामला साल 2019 में सामने आया था, जब बीजेपी नेता और नगर विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। लंबी जांच के बाद 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ अब सेशन कोर्ट में अपील की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च 2026 की तारीख तय की है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि इस तारीख तक सभी आवश्यक दस्तावेज, साक्ष्य और स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए जाएं। अब पूरे मामले पर सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस हाई-प्रोफाइल केस की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।
Published on:
23 Mar 2026 08:42 pm
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