
आजम खान को राहत मिलेगी या सजा रहेगी बरकरार?
Azam Khan News: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद आजम खान द्वारा तत्कालीन जिलाधिकारी (डीएम) को 'तनखैया' कहने के मामले में दायर अपील पर सुनवाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। एमपी-एमएलए स्पेशल सेशन कोर्ट में इस मामले में अभियोजन पक्ष की बहस पूरी हो चुकी है। अब अदालत 18 जुलाई को इस बहुचर्चित मामले में अपना फैसला सुना सकती है। यदि बचाव पक्ष चाहे तो 18 जुलाई से पहले किसी भी दिन अपनी अंतिम दलील अदालत के समक्ष पेश कर सकता है।
यह अपील उस फैसले के खिलाफ दायर की गई है, जिसमें एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 16 मई 2026 को आजम खान को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले के बाद आजम खान ने सेशन कोर्ट का रुख करते हुए सजा को चुनौती दी थी। इसी अपील पर फिलहाल सुनवाई चल रही है।
यह पूरा मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। उस समय समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का गठबंधन था और रामपुर लोकसभा सीट सपा के हिस्से में आई थी। आजम खान पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कई सार्वजनिक सभाओं में विवादित बयान दिए थे, जिनके चलते उनके खिलाफ विभिन्न थानों में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। चुनाव आयोग ने भी उनके चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी थी।
डीएम को 'तनखैया' कहने वाला मामला रामपुर जिले के भोट थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। इस मुकदमे की शिकायत तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी की ओर से कराई गई थी। आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयान से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ और सरकारी अधिकारी के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। इसी मामले में अदालत ने सुनवाई के बाद आजम खान को दोषी ठहराया था।
बुधवार को सेशन कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपनी अंतिम बहस पूरी कर ली। सरकारी पक्ष की ओर से एडीजीसी सीमा राणा ने अदालत में अपना पक्ष रखा। उनके अनुसार अभियोजन की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। अब यदि बचाव पक्ष चाहे तो 18 जुलाई तक किसी भी दिन अपनी अंतिम दलील अदालत के समक्ष रख सकता है।
इस मामले में अब सभी की निगाहें 18 जुलाई पर टिकी हैं। यदि अदालत उसी दिन फैसला सुनाती है तो यह तय होगा कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दो साल की सजा बरकरार रहेगी या आजम खान को किसी प्रकार की कानूनी राहत मिलेगी। चूंकि मामला एक चर्चित राजनीतिक नेता से जुड़ा है, इसलिए अदालत के फैसले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों ही क्षेत्रों की नजर बनी हुई है।
Updated on:
15 Jul 2026 08:11 pm
Published on:
15 Jul 2026 08:11 pm
