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Jauhar University Rampur: आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 कमरे तोड़ने का आदेश

Azam Khan News: रामपुर में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर बड़े संकट में है। नियमों को ताक पर रखकर खड़ी की गईं यूनिवर्सिटी की चमचमाती इमारतों पर अब प्रशासन का पीला पंजा चलने की तैयारी है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
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रामपुर

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Manoj Vashisth

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Ankit Sai

Jul 15, 2026

Jauhar University Rampur

Jauhar University Rampur: रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई तेज, जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर संकट (फोटो सोर्स:jauharuniversity.edu.in)

Jauhar University Demolition: उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर एक बार फिर चौतरफा संकट के बादल घिर गए हैं। कभी सपा शासनकाल में सत्ता की हनक और रसूख के साथ खड़ा किया गया आजम खान का यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब कानूनी पचड़ों में इस कदर उलझ चुका है कि इसके अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) और जिला प्रशासन की हालिया सख्ती के बाद विश्वविद्यालय परिसर में बनीं 40 में से 38 आलीशान इमारतों पर जल्द ही बुलडोजर गरज सकता है।

40 में से सिर्फ दो भवनों के नक्शे मंजूर

रामपुर विकास प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय परिसर में कुल 40 भवन बनाए गए हैं। इनमें से केवल दो भवनों के नक्शों को मंजूरी मिली है, जबकि बाकी 38 भवन बिना मंजूरी नक्शे के बनाए गए बताए गए हैं। इसी आधार पर आरडीए ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

प्रबंधन ने क्या दलील दी

नोटिस के जवाब में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि जब इन भवनों का निर्माण कराया गया था, उस समय रामपुर विकास प्राधिकरण का गठन नहीं हुआ था। इसी वजह से भवनों के नक्शे मंजूर नहीं कराए जा सके। बाद में जिलाधिकारी ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का भी मौका दिया। बुधवार को हुई सुनवाई में विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार ने फिर वही दलील दोहराई।

डीएम ने क्यों खारिज किया पक्ष

सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने विश्वविद्यालय प्रबंधन की दलील स्वीकार नहीं की। उन्होंने कहा कि उस समय जिला पंचायत मौजूद थी और विश्वविद्यालय के दो भवनों के नक्शे उसी संस्था से मंजूर कराए गए थे। ऐसे में बाकी 38 भवनों के लिए अनुमति नहीं लेना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। डीएम ने इसी आधार पर विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष खारिज कर दिया।

अब आरडीए की कार्रवाई पर नजर

सुनवाई पूरी होने के बाद रामपुर विकास प्राधिकरण अब आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। बिना मंजूरी नक्शे वाले 38 भवनों को अवैध मानते हुए उन्हें तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। डीएम के फैसले के बाद अब यह मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। यदि आरडीए भवन गिराने का आदेश जारी करता है, तो विश्वविद्यालय परिसर के 38 भवनों पर बुलडोजर चल सकता है।

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