रामपुर उपचुनावः भाजपा को हराने के लिए आजम खान ने तैयार किया मास्टर प्लान

रामपुर उपचुनावः भाजपा को हराने के लिए आजम खान ने तैयार किया मास्टर प्लान

lokesh verma | Updated: 18 Jul 2019, 03:14:08 PM (IST) Rampur, Rampur, Uttar Pradesh, India

खबर के मुख्य बिंदु-

  • आजम खान ने अखिलेश यादव के सामने रखा डिंपल यादव को प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव
  • बोले- डिंपल यादव रामपुर से उतरीं तो कांग्रेस और बसपा नहीं उतारेंगे प्रत्याशी
  • उत्तर प्रदेश की 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने शुरू की जोर-आजमाइश

रामपुर. उत्तर प्रदेश की 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने जोर-आजमाइश शुरू कर दी है। इन सीटों में रामपुर विधानसभा सीट बेहद अहम मानी जा रही है। क्योंकि रामपुर सीट आजम खान के सांसद बनने के बाद खाली हुई है। यही वजह है कि आजम खान ने इस सीट को बचाने के लिए ऐसा मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी मुश्किल में डाल दिया है।

बता दें कि रामपुर से सपा विधायक रहते हुए आजम खान ने पहली बार 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा और भारी बहुमत के साथ भाजपा प्रत्याशी जया प्रदा को शिकस्त दी। अब आजम खान के सांसद बनने के बाद रामपुर विधानसभा की सीट खाली हो गई है। इसलिए उत्तर प्रदेश की 12 विधानसभा सीट समेत रामपुर में भी उपचुनाव होने हैं। इसको लेकर सपा के कद्दावर नेता आजम खान ने ऐसी राजनीतिक चाल चली है, जो परवान चढ़ी तो किसी भी दल के लिए सपा प्रत्याशी को हराना मुश्किल होगा।

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Azam Khan

दरअसल, आजम खान चाहते हैं कि उनकी रामपुर सीट से सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव चुनाव लड़ें। आजम खान के इस प्रस्ताव ने अखिलेश यादस को मुश्किल में डाल दिया है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव अभी आजम की इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है। अखिलेश यादव चाहते हैं कि पत्नी डिंपल की जगह किसी स्थानीय उम्मीदवार पर दाव लगाया जाए। बता दें कि आजम खान ने यूं ही यह प्रस्ताव नहीं भेजा है। इसके पीछे उनकी सीधी मंशा भाजपा प्रत्याशी को हराने की है।

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Akhilesh and dimple yadav

आजम खान का तर्क है कि अगर डिंपल यादव रामपुर से उम्मीदवार बनी तो बसपा और कांग्रेस अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी। इस तरह बसपा व कांग्रेस का पूरा वोट बैंक सपा के खाते में आ जाएगा, जिससे डिंपल यादव आसानी से सीट निकाल लेंगी। वहीं अखिलेश यादव स्थानीय प्रत्याशी उतारने के पक्ष में हैं, जिस पर आजम खान सहमत हों। अखिलेश यादव की मंशा है कि लोकसभा चुनाव हारने के बाद डिंपल यादव कन्नौज की जनता की सेवा करती रहें।

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