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आजम खान पत्नी और बेटे के साथ कोर्ट से न‍िकले, जेल जाने से पहले कही ये बात

Azam Khan: रामपुर (एमपी-एमएलए) कोर्ट ने बुधवार को आजम खान उनकी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट से बाहर न‍िकलते वक्‍त पत्रकारों के सवाल पूछे जाने पर आजम ने कुछ ऐसा कहा कि सब हैरान रह गए।

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Azam Khan

Azam Khan: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान, उनके बेटे और अब्दुल्ला और पत्नी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। रामपुर (एमपी-एमएलए) कोर्ट ने बुधवार को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में आजम खान, उनकी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई है। इस पर अब सपा नेता आजम खान की प्रत‍िक्रि‍या सामने आई है। कोर्ट से बाहर न‍िकलते वक्‍त पत्रकारों के सवाल पूछे जाने पर आजम ने कहा, "आज फैसला हुआ है, फैसले और इंसाफ में फर्क होता है।"

इससे पहले अखि‍लेश यादव ने एक्‍स पर एक पोस्‍ट में ल‍िखा, ''माननीय आज़म खान जी और उनके परिवार को निशाना बनाकर समाज के एक पूरे हिस्से को डराने का जो खेल खेला जा रहा है, जनता वो देख भी रही है और समझ भी रही है। कुछ स्वार्थी लोग नहीं चाहते हैं कि शिक्षा-तालीम को बढ़ावा देनेवाले लोग समाज में सक्रिय रहें। इस सियासी साज़िश के ख़िलाफ़ इंसाफ़ के कई दरवाज़े खुले हैं।'' अखि‍लेश ने कहा, ''ज़ुल्म करनेवाले याद रखें… नाइंसाफ़ी के ख़िलाफ़ एक अदालत अवाम की भी होती है।''

फर्जी जन्‍म प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा
बहुचर्चित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में रामपुर (एमपी-एमएलए) कोर्ट ने आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट की सुनवाई के बाद जब आजम और उनके परिवार को पुलिस अभिरक्षा में जेल ले जाया जा रहा था तो सपा नेता समर्थकों की भीड़ जेल के बाहर पहुंच गई और आजम के समर्थन में नारे लगाए। आजम के समर्थकों ने पुलिस के वाहन को चारों तरफ से घेर लिया। पहले से मौजूद पुलिस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बीच उन्हें वहां से निकाला और जेल की तरफ रवाना हुए।

यह था पूरा मामला

मामला 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव का है। उन दिनों अब्दुल्ला आजम रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते भी थे। इस चुनाव को उनके विरोधी उम्मीदवार और बीएसपी के नेता रहे नवाब काजिम अली खान ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

फर्जी पाया गया था जन्म प्रमाण पत्र

उन्होंने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला की उम्र विधायक का चुनाव लड़ने लायक नहीं है। शैक्षिक प्रमाण पत्रों में अब्दुल्ला की जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 है, जबकि बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर उनका जन्म 30 सितंबर 1990 को हुआ है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए अब्दुल्ला की ओर से पेश किए गए जन्म प्रमाण पत्र को फर्जी पाया था और स्वार सीट से उनका चुनाव रद कर दिया था।

25 साल से कम थी अब्दुल्ला की उम्र
कोर्ट ने पाया था कि साल 2017 में चुनाव लड़ने के दौरान अब्दुल्ला की उम्र 25 साल से कम थी। इसके बाद इस मामले में नया मोड़ तब आया जब रामपुर से बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में रामपुर के गंज थाने में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो जन्म प्रमाणपत्र होने का मामला दर्ज कराया। इसमें आजम और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा को भी आरोपी बनाया गया।

बीजेपी विधायक का आरोप
रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से अब्दुल्ला आजम ने वर्ष 2017 में जब विधानसभा का चुनाव लड़ा था तो शफीक अंसारी उनके प्रस्तावक थे, अब शफीक अंसारी अपना दल में हैं और स्वार से विधायक बन गए हैं। अब्दुल्ला आजम खान के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना का आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किया था।