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सरकारी डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, नर्स ने दो सप्ताह पहले मारा था थप्पड़

रामपुर जिला अस्पताल में कार्यरत थे डॉक्टर बीएम नागर। दो सप्ताह पहले नर्स ने मारा था थप्पड़। डीएम ने जांच के बाद कर दिया था अटैच।

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रामपुर। जिस डॉक्टर को एमरजेंसी में तैनात नर्स ने दो सप्ताह पहले थप्पड़ मारा था, मंगलवार को संदिग्ध अवस्था में वह अपने सरकारी आवास में मृत मिले हैं। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन फानन में दो डॉक्टर वहां पहुंचे, जिन्होंने डाक्टर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंची और परिजनों को सूचित किया। देर शाम मौके पर पहुंचे डाक्टर के भाई ने लिखित रूप से शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। लिहाजा पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम किए शव परिजनों को सौंप दिया।

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दरअसल रामपुर जिला अस्पताल में तैनात रहे डाक्टर बीएम नागर उस समय चर्चा में आए थे जब कहासुनी के बाद नर्स ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था। पूरे घटना क्रम की जांच डीएम के आदेश पर हुई। जांच के बाद में डीएम ने उन्हें किसी ओर जगह अटैच कर दिया था और नर्स को सस्पेंड कर दिया। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद डाक्टर ने एक पत्र पुलिस अधीक्षक शुगन गौतम को लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी जानमाल की रक्षा की जाए। वहीं इसी बीच अब उनकी मौत के बाद चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है।

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मामले की जानकारी देते हुए सीएमएस आर.के मित्तल ने बताया कि प्रथम दृष्टया ये मौत नेचुरल लग रही है। मुंह से झाग आ रहे थे। वह ड्रीपस करने लगे थे और दवा भी खाते थे। उनकी बिस्तर पर दवा पड़ी थीं। उनका बीपी शुगर भी काफी बढ़ जाता था। परिजन नहीं चहते थे इसलिए उनका पोस्टमार्टम नहीं किया गया। वहीं पुलिस का कहना है कि परिजनों ने किसी तरह की तहरीर मामले में नहीं दी है।