
रामपुर। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा शनिवार को अयोध्या मामले (Ayodhya Verdict) में फैसला सुनाए जाने के बाद केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) का भी बयान सामने आया है। दरअसल, एक वीडियो जारी कर नकवी ने कहा कि सौहार्द, एकता हिन्दुस्तान की परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। इसे मजबूत रखना देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या का फैसला आ गया है और अब सबको इसे तहे दिल से स्वीकार करना है, इसका सम्मान भी करना है। इस फैसले को किसी के हार और किसी की जीत के रूप में नहीं देखना चाहिए। ये एक न्यायिक फैसला है और इस न्यायिक फैसले को हार के हाहाकार और जीत के जूनुनी जश्न से बचाना चाहिए।
नकवी ने कहा कि मुझे पूरा यकीन है, पूरा विश्वास है कि देश की सदियों पुरानी एकता और सौहार्द हमारी मजबूत विरासत है। सबको उसे मिलकर मजबूत करना है और किसी भी हालत में कमजोर नहीं होने देना है। उन्होंने हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कहा कि कुछ लोग तालिबानी मानसिकता की बीमारी से ग्रस्त हैं। ऐसे लोगों को ना तो संविधान पर विश्वास है और ना न्यायपालिका पर। ऐसे लोगों को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि देश किसी को भी सौहार्द, एकता और भाईचारे के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं देगा।
वहीं नकवी के इस बयान का रामपुर में रहने वाले मुसलमानों ने भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंत्री नकवी उनके जिले के रहने वाले हैं और उनका बयान जो आया है वह उसका समर्थन करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी सम्मान करते हैं।
Updated on:
10 Nov 2019 12:23 pm
Published on:
10 Nov 2019 12:20 pm

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