मजार तोड़े जाने पर मुस्लिम धर्मगुरुओं की चेतावनी, तीन दिन में नहीं हुआ निर्माण तो लेंगे बड़ा एक्शन

Highlights:

-30 नवंबर को प्रशासन ने तोड़ी थी कथित मजार

-जिलाधिकारी बोले- मजार का कोई अभिलेख नहीं

-मुस्लिम समुदाय के लोग जगह-जगह कर रहे बैठक

By: Rahul Chauhan

Published: 03 Dec 2020, 09:38 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

रामपुर। प्रशासन द्वारा कथित जंजीर शाह मियां बरेली वाले बाबा का मजार तोड़े जाने को लेकर डीएम आञ्जनेय कुमार सिंह से नगर के मौलाना उलेमाओं में भारी नाराजगी है। जिले की जामा मस्जिद में मोलानाओं-उलेमाओं ने बैठक करके डीएम को तीन दिन का अल्टीमेटम देकर ये बात कही है कि तुड़वाई गई जंजीर शाह मियां का मजार अगर तीन दिन में तामीर नहीं की गई तो उनके समुदाय के लोग संग मिलकर कोई बड़ा फैसला लेंगे।

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उधर, डीएम ने इस मामले में कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि वहां जंजीर शाह मियां का मजार था तो वे अपनी सैलरी से मजार का निर्माण कराएंगे। वह अवैध था और उसका कोई अभिलेख कहीं भी दर्ज नहीं है। जिसको लेकर वह अतिक्रमण हटाया गया था। दरअसल, बीते 30 नवंवर को नगर पालिका ने जिलाधिकारी के आदेश पर कथित जंजीर शाह मियां का मजार को तोड़कर उसका मलबा हटाकर जगह खाली कर दी थी। लोगों का कहना है कि वह सैकड़ों साल पुरानी मजार है। वहीं प्रशासन ने इस तरह की कोई मजार होने का कोई अभिलेख होने से इंकार किया है। वहीं प्रशासन की इस कार्रवाई से मुस्लिम समुदाय के लोगों में रोष है।

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बताया जा रहा है कि जनपद में डीएम आञ्जनेय कुमार सिंह के खिलाफ जगह-जगह गोपनीये और सार्वजनिक जगहों पर लोगों की बैठक भी हो रहीं हैं। इस क्रम में बुधवार को जिले कि जामा मस्जिद में सभी उलमाओं और मौलानाओं ने भी एक बैठक की। जिसमें डीएम आञ्जनेय कुमार सिंह को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। बैठक में चेतावनी दी गई है कि जिलाधिकारी स्वयं मजार बनवा दें, वरना हम एक समुदाय के लोगों के गुस्से को लेकर कोई बड़ा एक्शन लेंगे।

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