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Azam Khan के कब्जे से सरकारी चकरोड कराए गए मुक्त, अब यूनिवर्सिटी के अंदर किसान कर सकेंगे खेती, देखें वीडियो

Highlights: -आजम खान पर आरोप है कि उन्होंने सत्ता के दौरान नियम-कानून को ताख पर रखकर चकरोड पर कब्जा कर लिया -जिसको लेकर उनके खिलाफ ये कार्रवाई हो रही है -इस कार्रवाई को लेकर आजम खान ने रेवन्यू बोर्ड प्रयागराज में एक द्वित्तीय अपील दायर की थी

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रामपुर। रेवेन्यू बोर्ड प्रयागराज के आदेश के बाद अब रामपुर जिला प्रशासन ने सरकारी चकरोड पर कब्जा लेने की कवायत शुरू कर दी है। इस कड़ी में शुक्रवार को एसडीएम सदर समेत राजस्व विभाग के कई अफसरान मौके पर पहुंचे। जहां उनके द्वारा सरकारी चकरोड की मापतोल की गई। बताया जा रहा है कि शनिवार तक जिला प्रशासन आजम खाने के कब्जे से सरकारी चकरोड को अपने कब्जे में लेकर सार्वजनिक कर देगा।

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दरअसल, सपा सांसद आजम खान पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सत्ता के दौरान तमाम नियम-कानून को ताख पर रखकर सरकारी चकरोड पर अपना कब्जा करके चार दीवारी बना ली थी। जिसको लेकर उनके खिलाफ ये कार्रवाई हो रही है। इस कार्रवाई को लेकर आजम खान ने रेवन्यू बोर्ड प्रयागराज में एक द्वित्तीय अपील दायर की थी। जिसे रेवन्यू बोर्ड ने खारिज कर दिया। इसके बाद स्थानिये प्रशासन ने आजम खान के कब्जे से सरकारी चकरोड को मुक्त कराने की कवायत शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आजम खान के कब्जे में करीब 15 हेक्टेयर चकरोड की जमीन है।

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उधर, एसडीएम पीपी तिवारी ने बताया कि अब उन किसानों को भी राहत मिल जाएगी, जिनको हमने बीते सप्ताह उनकी जमीन पर कब्जा दिलवाया था। उन 26 किसानों का रास्ता भी खुल गया है। अब वह किसान यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर आकर अपनी फसलें उगा सकते हैं। अपनी जमीन पर आ जा सकते हैं। सपा शासनकाल में नियम विरुद्ध तरीके से तमाम सरकारी सड़कें आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय कैंपस में कब्जा कर ली गई और बाहर से दीवार बना ली गई। उन्हें मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है।