
दरिंदगी की शिकार बच्ची को शुक्रवार की सुबह होश तो आया लेकिन उसकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। डॉ. रचना चौधरी की निगरानी में बालिका का इलाज जारी है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि इलाज में सर्जरी के अलावा अन्य जरूरी चिकित्सकीय सहायता भी दी जा रही है। बच्ची के शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी पाए गए हैं। इलाज के दौरान डॉक्टरों को उसकी आंतों में गंभीर चोटें दिखीं। बच्ची के चेहरे पर भी कई घाव हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य एकत्र करना शुरू कर दिया है ताकि मजबूत चार्जशीट तैयार की जा सके। आरोपी और पीड़िता के डीएनए नमूने जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज को भी केस का हिस्सा बनाया जा रहा है।
सीओ शाहबाद हर्षिता सिंह ने बताया कि जांच कई पहलुओं पर की जा रही है ताकि कोर्ट में मुकदमे को मजबूती मिल सके। वहीं एसपी विद्यासागर मिश्र ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पीड़िता के परिवार वालों ने इस बात की आशंका जताई है कि घटना में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की व्यापक जांच की मांग की है। पीड़िता की सुरक्षा के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज में पुलिस बल तैनात है, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
वहीं,आरोपी को गिरफ्तार कर जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, क्योंकि गिरफ्तारी के समय उसके पैर में गोली लगी थी। उसकी हालत में सुधार होने पर उसे जेल की बैरक में शिफ्ट किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जानकारी दी है कि अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे मंजूरी के लिए डीएम को भेजा जाएगा।
Updated on:
19 Apr 2025, 5:07 PM IST
Published on:
19 Apr 2025, 5:07 PM IST
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