
रामपुर. अपनी नाकारात्मक छवि के लिए जानी जाने वाली पुलिस ने सामाजिक सरोकार का एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। दरअसल, दिल्ली-लखनऊ हाइवे-24 पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने दो व्यक्तियों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों व्यक्ति तड़प रहे थे। उन्हें देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन किसी ने भी उनकी मदद करने का प्रयास नहीं किया। इसी बीच वहां से गुजर रही डायल 112 पुलिस के दो सिपाहियों बिना समय गंवाए घायल व्यक्तियों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां स्ट्रेचर नहीं मिलने पर सिपाहियों ने दोनों को कंधों पर उठाकर सीधे डाॅक्टर के पास ले गए। जहां एक की हालत नाजुक बताई जा रही है।
दरअसल, यह घटना थाना शहजादनगर क्षेत्र स्थित दिल्ली-लखनऊ हाइवे-24 की है। जहां सोमवार को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने दो व्यक्तियों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। इस दौरान हाइवे से गुजर रही डायल 112 पुलिस की नजर जैसे ही घायलों पर पड़ी तो बिना देर किए सिपाही दोनों घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन, जिला अस्पताल में न तो कोई वार्ड बाय मिला और न ही स्ट्रेचर। इसके बाद दो सिपाहियों ने कार से दोनों घायलों को उतारकर अपने-अपने कंधों पर लादा और अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। जहां डाक्टरों ने तुरंत घायलों का उपचार शुरू कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि एक युवक की हालत काफी नाजुक बनी है। वहीं दूसरे को मामूली चोटें आई हैं।
इस दौरान चिकित्सक समेत अन्य लोगों ने दोनों सिपाहियों की खुले दिल से तारीफ की। वहीं दोनों सिपाहियों ने बताया कि हमने सिर्फ अपना फर्ज निभाया है। आगे भी हमें किसी की जान बचाने या मदद करने का मौका मिला तो इसी तरह करेंगे। पुलिसकर्मियों का यह कार्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर कोई पुलिस की तारीफ कर रहा है।
Updated on:
02 Dec 2019 03:08 pm
Published on:
02 Dec 2019 02:43 pm
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