मिशनरीज ऑफ चैरिटी व अन्य संस्थाओं के फंड की सीबीआई जांच कराने को लेकर डीजीपी ने लिखा राज्य सरकार को पत्र

सैकड़ों बच्चों का कोई अता-पता नहीं मिल पा रहा है...

Prateek Saini

July, 1212:49 PM

रवि सिन्हा की रिपोर्ट...

(रांची): झारखंड के पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर मिशनरीज ऑफ चैरिटी और उससे जुड़ी संस्थाओं को मिलने वाले फंड की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। डीजीपी पांडेय द्वारा गृह सचिव एसकेजी रहाटे को लिखे पत्र में केंद्र से मिशनरीज ऑफ चैरिटी सहित सभी संस्थाओं के सभी बैंक एकाउंट फ्रीज करने की भी मांग की गई है।

 

सैकडों बच्चे लापता

बताया गया है कि पुलिस की जांच में चैरिटी द्वारा 121 बच्चों के बेचे जाने का रिकॉर्ड मिला है। लेकिन सैकड़ों बच्चों का कोई अता-पता नहीं मिल पा रहा है। प्रारंभिक छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी मिलने वाली राशि का उपयोग अपने मूल उद्देश्य में न कर दूसरे कामों में कर रही है।


विदेशों से मिला इतना फंड

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मिशनरीज ऑफ चैरिटी व इससे जुड़ी पांच अन्य संस्थाएं को 2006-07 से लेकर 2016-17 तक 11 सालों के दौरान 927.27 करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग मिली है। बताया गया है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी के एफसीआरए निबंधन रदद करने की सिफारिश के लिए भी डीजीपी ने गृह सचिव को लिखा है। एफसीआरए निबंधन को रदद करने या निलंबित करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। मिशनरीज ऑफ चैरिटी के राज्य में 12 बाल गृहःमिशनरीज ऑफ चैरिटी के विभिन्न जिलों में 12 बाल गृह चल रहे हैं।


शिशु भवन से बेची गई एक अन्य मासूम बच्ची बरामद

इधर, मिशनरीज ऑफ चैरिटी से संचालित निर्मल हृदय के शिशु भवन से बेची गई एक और मासूम बच्ची को रांची पुलिस ने बरामद कर लिया है। मासूम की बरामदगी रांची के कोकर इलाके में छापेमारी कर की गई। मिशनरीज ऑफ चैरिटी के द्वारा संचालित निर्मल हृदय में मासूम बच्चों की खरीद बिक्री का मामला सामने आने के बाद रांची पुलिस बेचे गए बच्चों की बरामदगी के लिए अलग.अलग इलाकों में छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान रांची के कोतवाली इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल को सूचना मिली की निर्मल हृदय के द्वारा 50 हजार में बेची गई एक बच्ची रांची के कोकर इलाके में रखा गया है। सूचना के मुताबिक जिस घर में बच्ची को छिपा कर रखा गया था उस घर को पुलिस ने घेर लिया लेकिन घर में तलाशी के दौरान सिर्फ मासूम बच्ची ही बरामद हुई। जबकि उसे खरीदने वाले पुलिस के आने के पहले ही फरार हो गए।

 

Prateek Desk
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned