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रवि सिन्हा की रिपोर्ट...
(रांची): झारखंड के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव कमल किशोर सोन ने कहा कि सरकारी खाली पड़ी भूमि का सदुपयोग किया जाएगा। जमशेदपुर में पथ निर्माण और राजस्व निबंधन विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में के.के.सोन ने कहा कि खाली जमीन का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना, इंजीनियरिंग कॉलेज और बस स्टैंड समेत अन्य कामों में किया जा सकता है।
राजस्व एवं निबंधन विभाग के सचिव केकेसोन ने कहा कि जनाकांक्षाओं एवं जन आवश्यक्ताओं के हिसाब से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए विकास के कार्य किए जा रहे हैं। भूमि अर्जन की दुरूह प्रक्रिया में कम से कम समय लगे और निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित परियोजनाएं शीघ्रता से धरातल पर कार्यान्वित हो सके, इसके लिए विभाग के स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कें और फ्लाईओवर जनता की सुविधा के लिए हैं और सरकार का यह प्रयास है कि यथासंभव कम से कम समय में अधिकतम सुविधाएं प्रदान करने के लिए आधार आधारभूत संरचनाओं का तेजी से निर्माण हो।
इससे पहले केके सोन ने जमशेदपुर एवं सरायकेला जिला अंतर्गत पथ निर्माण एवं राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा से पूर्व क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी स्तर पर कार्य का जायजा लिया। गोविंदपुर अन्ना चौक से पिपला एनएच-33 तक 10.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य 15 अगस्त 2018 से प्रारंभ करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग जमशेदपुर को देते हुए इसके लिए अविलंब निविदा प्रकाशित करने का निर्देश दिया। गोविंदपुर बाईपास का डीपीआर बनाने के लिए कार्यपालक अभियंता एडवांस प्लानिंग को 2 माह का समय सीमा निर्धारित करते हुए 15 अगस्त तक इसे तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि 15 नवंबर तक इस पर कार्य शुरू किया जाए।
उन्होंने कहा कि जो पूर्व से स्वीकृत योजनाएं हैं उन पर तेजी से कार्य करते हुए उन्हें शीघ्रता से पूरा करें। नई परियोजनाओं की आवश्यकता का आंकलन, सर्वेक्षण कार्य तथा डीपीआर की प्रक्रिया को नवंबर दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है। जमशेदपुर एवं सरायकेला जिले से पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा कार्य पूर्ति में आने वाली समस्याओं को के.के सोन के समक्ष रखा गया, जिन के संबंध में आवश्यक निर्देश उन्होंने प्रदान किए। उन्होंने कहा कि जन सुविधाओं को पूरा करने के लिए जमीन, वन एवं अन्य संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग हो इसके लिए विवेक संगत तरीके से योजनाओं को बनाए और उन को मूर्त रुप देने के लिए समयबद्ध सीमा के अंतर्गत कार्य करें।
Published on:
15 Jun 2018, 1:20 PM IST
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