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खेल के क्षेत्र में आ कर लड़कियां रोजगार की तलाश में जुटी

खेल के माध्यम से सरकारी नौकरियों की अच्छी संभावना को देखते हुए विभिन्न खेल स्पर्द्धाओं में भी लड़कियां बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही है...
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रांची

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Prateek Saini

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Updated: 7 Oct 2018, 2:26 PM IST

Taekwondo acedmy

Taekwondo acedmy

(पत्रिका ब्यूरो,रांची): देश में कुछ वर्ष पहले तक खेल को सिर्फ शारीरिक चुस्ती-तंदुरूस्ती का साधन माना जाता था, लेकिन अब खेल के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवाओं के लिए सरकारी एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, लोक उपक्रमों में नियोजन का बेहतर अवसर भी मिल रहा है और अब लड़कियां भी इस क्षेत्र में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही है।


राज्य सरकार की ओर से खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों में दो प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है और इस नीति का अनुसरण, रेलवे, कोल इंडिया, सेल, समेत अन्य सार्वजनिक लोक उपक्रम कंपनियों द्वारा भी किया जा रहा है। खेल के माध्यम से सरकारी नौकरियों की अच्छी संभावना को देखते हुए विभिन्न खेल स्पर्द्धाओं में भी लड़कियां बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही है।


राजधानी रांची में मोहम्मद शहाबुद्दीन के मार्शल आर्ट ताइक्वांडो प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण हासिल कर रही बच्चियों के हौसले भी बुलंद है। लड़कियां न सिर्फ खेल-खेल में आत्मरक्षा की गुर सीख रही है,बल्कि उनका मानना है कि ताइक्वांडो देश में ही नहीं,बल्कि दुनिया के कई देशों में खासा लोकप्रिय है।


खेल में प्रशिक्षण ले रही आलिया शदफ व शाहीन अफरोज ने बताया दाक्षिण कोरिया, जापान तथा चीन समेत अन्य देशों में लड़कियां ताइक्वांडो सीख कर दुनिया में अपना नाम रौशन कर रही है। वहीं फलक जहां और फैजाना का कहना है कि शरीर को स्वस्थ तथा उर्जावान बनाए रखने के लिए ताइक्वांडो अच्छा माध्यम है। प्रशिक्षण ले रही इन लड़कियों का मानना है कि अन्य लड़कियों को भी भी खुद को फिट रखने के लिए ताइक्वांडो सीखना चाहिए।


प्रशिक्षक मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बताया कि वे आठ वर्षों से लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सीखा रहे है और अब तक 300 से अधिक लड़कियां केंद्र में प्रशिक्षण हासिल कर चुकी है। उनके केंद्र में कक्षा 1 से लेकर आठवीं तक की लड़कियां प्रशिक्षण हासिल करती है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम लड़कियों को ताइक्वांडो सिखाना शुरुआती दौर में काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन बाद में लड़कियों के साथ हो रही घटनाओं ने अभिभावकों की सोच बदल दी। उन्होंने कहा कि आत्मसुरक्षा के लिए लड़कियों का ताइक्वांडो सिखना बहुत अच्छा है। पढ़ाई के साथ खेल आत्मविश्वास के लिए बहुत जरूरी है। ताइक्वांडो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल स्पर्द्धाओं में शामिल किया गया है, इसलिए इस खेल में अच्छा प्रदर्शन करने वाली लड़कियों के लिए भविष्य में सरकारी नौकरियों के क्षेत्र में काफी संभावनाएं है।

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