
photo from jharkhand
(पत्रिका ब्यूरो,रांची): केरल में आई सदी की सबसे भीषण बाढ़ में फंसे लोगों की सहायता के लिए झारखंडवासियों ने भी हाथ बढ़ाया है। राज्य सरकार द्वारा जहां पहले ही 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की जा चुकी है, वहीं विभिन्न संगठनों की ओर से भी अपने स्तर पर बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता भेजी जा रही है।
राजधानी रांची से आज कई संस्थाओं की ओर से भोजन, मिनरल वाटर, कंबल, कपड़े और अन्य राहत सामग्री को ट्रकों से भेजा गया। वहीं बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री राहत कोष में सीधे सहायता राशि उपलब्ध करा रहे हैं, जबकि कुछ संगठनों की ओर से राहत सामग्री भी एकत्रित किया जा रहा है। दुमका स्थित बालिजोर गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए आगे आई हैं। चप्पल का निर्माण करने वाली इन महिलाओं ने केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए 1000 जोड़ी चप्पल भेजने का निर्णय लेकर कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। दुमका के उपयुक्त मुकेश कुमार की केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने ये फैसला लिया है। साहेबगंज जिले में सरकारी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने स्वेच्छा से एक दिन का वेतन देने का निर्णय लिया गया है। जिले के उपायुक्त संदीप सिंह ने सभी जिलावासियों, नागरिक संगठनों, व्यापारियों, आमजनों से भी अपील कि है की वे बाढ़ आपदा की इस घड़ी में केरलवासियों की मदद के लिए सीधे केरल के मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में अपना सहयोग दें।
इधर, धनबाद से अल्लपुज्जा जाने वाली एलेप्पी एक्सप्रेस रविवार को रद्द हो गई। बताया गया है कि केरल में आई प्रलयकारी बाढ़ के कारण धनबाद आने वाली अल्लेपी एक्सप्रेस शनिवार को नहीं पहुंची, जिसके कारण ट्रेन का रैक नहीं रहने से इसे रविवार को रद्द करना पड़ा। इस बीच जामताड़ा जिले के 30 मजदूरों के केरल के तालेश्वरी स्टेशन में फंसे रहने की सूचना मिली है। केरल में फंसे मजदूरों के परिजनों ने बताया कि यह संख्या 300 से उपर पहुंच सकती है। वहीं जिले के उपायुक्त ने बताया कि अभी तक किसी की ओर से सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन से औपचारिक रूप से आग्रह नहीं किया गया है, मीडिया के मामले से जानकारी मिली है, प्रशासन प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा।
Published on:
19 Aug 2018 08:28 pm
बड़ी खबरें
View Allरांची
झारखंड
ट्रेंडिंग
