
jharkhand mukti morcha
(रांची): झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा है कि पार्टी की राजनीतिक गतिविधियां झारखंड के अलावा आसपास के राज्यों में भी वर्षों से रही है। उन्होंने कहा कि वृहद झारखंड में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों को भी शामिल करने की मांग पार्टी करती रही है, जबकि छत्तीसगढ़ में जनजातीय आबादी भी करीब 30 प्रतिशत है,ऐसी स्थिति में बैठक में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव पार्टी की ओर से उम्मीदवार उतारने का आग्रह किया है और इसके लिए झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है।
उन्होंने बताया कि अभी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस या किसी दल के साथ गठबंधन के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है, पार्टी फिलहाल अपने बलबूते चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हेमंत सोरेन विधानसभा सभागार में पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
राजनीतिक हालात पर हुई चर्चा
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि बैठक में सांगठनिक मुद्दों और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई, सभी जिलों के पार्टी पदाधिकरियों से रिपोर्ट ली गयी और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। उन्होंने शहीद निर्मल महतो के हत्यारों की रिहाई को लेकर राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णय पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शहीदों का अपमान होगा, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
उन्होंने कहा कि निर्मल महतो के हत्यारों की रिहाई के फैसले का पार्टी कड़ी निन्दा करती है। झामुमो ने राज्य सरकार के उस निर्णय की भी आलोचना की,जिसमें दूसरे राज्य के खतियान को लेकर जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्णय लिया गया है।
सुमित्रा महाजन के बयान की की आलोचना
हेमंत सोरेन ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा आरक्षण को लेकर रांची में पिछले दिनों दिए गए बयान की भी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के बयान से भाजपा की अनुसूचित जाति, जनजाति विरोधी मानसिकता प्रतीत होती है। राज्य को खुले में शौच से मुक्त घोषित किये जाने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सारी सच्चाई जनता जान रही है, जिस दिन सरकार पूरे राज्य को ओडीएफ घोषित करेगी, उस दिन मीडिया ही इसका पोल खोलने का काम करेगा।
राहुल को पीएम उम्मीदवार मानने पर पूछे सवाल को टाल गये हेमंत सोरेन
हेमंत सोरेन ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार मानने के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया, उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव हो जाने दें, सांसद को चुन कर आने दें, निर्णय हो जाएगा। उन्होंने इस सवाल को ही आलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि ऐसी परंपरा भाजपा की रही है, जिसका नतीजा आज पूरा देश और भाजपा शासित राज्यों के लोग भुगत रहे है।
महागठबंधन की तरफ दिखाई दे रहा झुकाव
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में हेमंत सोरेन ने बताया कि झारखंड में आगामी 2019 में होने वाले चुनाव को लेकर वे महागठबंधन बनाने के पक्ष में हैं, इसे लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से भी बात हो चुकी है। इस गठबंधन में झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी को शामिल करने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जल्द ही सारे मामले का पटाक्षेप हो जाएगा, जल्द ही महागठबंधन के समन्वय समिति की बैठक होगी।
Published on:
08 Oct 2018 02:22 pm
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