
देवेंद्र महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज चौथा दिन (Photo: IANS)
Ranchi Student Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में रांची में चल रहा छात्रों का सत्याग्रह बुधवार को बारहवें दिन भी जारी रहा। इस बीच आंदोलन को तब और बल मिला, जब देश के प्रसिद्ध इनोवेटर सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बातचीत की। वांगचुक के आग्रह पर महतो ने चार दिन बाद पानी पिया।
देवेंद्र महतो ने 'एक्स' पर तस्वीरें पोस्ट कर लिखा, "देश के प्रख्यात इनोवेटर सोनम वांगचुक सर से वीडियो कॉल से सीधे बात करने का अवसर मिला। उन्होंने हमारे आंदोलन के प्रति अपना बहुमूल्य मार्गदर्शन, प्रेरणादायी विचार एवं हौसला प्रदान किया। उनके आग्रह पर मैंने पानी पिया। उनसे रांची आकर आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाने का विनम्र आग्रह भी किया। हमारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व सत्याग्रह आंदोलन अपने संकल्प के साथ जारी है।"
छात्र पिछले 12 दिनों से 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच, ओएमआर शीट और मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक करने तथा भर्ती आयोगों में व्यापक सुधार की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों के एक गुट ने ऐलान किया है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्रों के आंदोलन का मुख्य चेहरा बने 33 वर्षीय देवेंद्र नाथ महतो को अब 'रांची का सोनम वांगचुक' कहा जा रहा है। रांची जिले के राहें प्रखंड स्थित कापीडीह गांव के एक साधारण परिवार से आने वाले देवेंद्र शुरुआत से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने रांची के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से संस्कृत में प्रथम श्रेणी से स्नातकोत्तर और जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ बी.एड. की डिग्री हासिल की है। साल 2015 से ही छात्र राजनीति और सामाजिक चेतना के आंदोलनों में सक्रिय देवेंद्र महतो ने राज्य में छात्रवृत्ति, परीक्षा सुधार, पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मुद्दों को पुरजोर ढंग से उठाया है।
देवेंद्र महतो ने 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में तमार विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि छठी जेपीएससी (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चले आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी मां को खो दिया था। जिस तरह सोनम वांगचुक ने कई बार आमरण अनशन और अहिंसक सत्याग्रह के जरिए अपनी मांगों को राष्ट्रीय पटल पर रखा, ठीक उसी तरह महतो भी युवाओं के हक के लिए भूख हड़ताल पर बैठकर इस आंदोलन की कमान संभाल रहे हैं।
Updated on:
05 Aug 2026 03:41 pm
Published on:
05 Aug 2026 01:21 pm
