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(पत्रिका ब्यूरो,रांची): झारखंड में संतालपरगना प्रमंडल के कई जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या बढ़ी है। घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार की ओर से असम की तर्ज पर झारखंड में भी नेशनल रजिस्टर सिटीजन (एनआरसी) बनाने का काम शुरु हो सकता है।
बढ रही है घुसपैठियों की संख्या
रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में पिछले दिनों संपन्न दो दिवसीय बैठक में इस मामले में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि राज्य के पाकुड़, साहेबगंज, जामताड़ा और गोड्डा जिले में बड़ी संख्या में बांग्लादेश घुसपैठिए अवैध तरीके से प्रवेश करने में सफल रहे है और इन सभी ने नाम बदल कर जमीन भी खरीद ली है। साहेबगंज जिले के राजमहल विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित भाजपा विधायक अनंत ओझा कई बार सदन के अंदर और बाहर बांग्लादेशी घुसपैठियों पर अंकुश लगाने की मांग उठा चुके है। मॉनसून सत्र के दौरान विधायक अनंत ओझा को धमकी देने की बात भी सदन में उठी।
मिलीभगत से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठिएं
सूत्रों का कहना है कि साहेबगंज जिले के बड़हरवा और राधानगर थाना क्षेत्र में सैकड़ों बांग्लादेशी परिवारों ने शरण ले रखी है। बताया गया है कि राजमहल के गंगा घाट और मानिकचक घाट से बांग्लादेशी गंगा पार कर राजमहल, उधवा, राधानगर बड़हरवा और आसपास के जिलों में बस रहे है। इन बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा इलाके में पहले से रहने वाले लोगों से रिश्ते-नाते जोड़कर तथा राजस्व कर्मचारियों से मिलीभगत कर राशन कार्ड,वोटर कार्ड बनवाकर स्थानीय दर्जा ले लिया जाता है और फिर सरकारी योजनाओं का भी लाभ उठाने की कोशिश की जाती है।
जाली दस्तावेज बनाकर कर उठा रहे सुविधा
पुलिस द्वारा समय-समय पर कई बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई और कुछ लोगों की गिरफ्तारी में यह बात भी सामने आयी थी कि घुसपैठिये अलग-अलग दस्तावेज में अलग-अलग नाम और जन्म प्रमाण पत्र भी अलग-अलग नाम देकर वर्षां से यहां रह रहे है। इस बात के भी पुख्ता प्रमाण मिले है कि इन बांग्लादेशी घुसपैठियों की संलिप्तता जाली नोट को चलाने के अलावा आतंकी गतिविधियो में भी रही है।
कई प्रतिबंधित संगठन है सक्रिय
संतालपरगना के जिन चार जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अवैध तरीके से बसने की सूचनाएं है, वहां प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की सक्रियता रही है। पीएफआई के अलावा इन जिलों में जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएसबी) के संदिग्ध भी सक्रिय रहे है। असम की तर्ज पर एनआरसी बनाने को लेकर विशेष शाखा के एसपी धनंजय सिंह असम गये हैं। बताया गया है कि एसपी धनंजय सिंह असम जाकर यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे है कि एनआरसी ने कैसे अवैध तरीके से रहने वाले बांग्लादेशियों को चिन्हित करने का काम शुरु किया। एनआरसी के माध्यम से ही असम में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिकों के बसे रहने के बारे में जानकारी मिल सकी थी और इन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की कवायद शुरु हुई।
Published on:
28 Jul 2018 03:03 pm
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