5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झारखंड के बुराडी कांड का हुआ खुलासा,सुसाइड नोट बरामद,दोनों भाईयों ने पांच की हत्या के बाद लगाई फांसी

मामला जब सामने आया तब रोज की तरह बच्चों को स्कूल के लिए लेने वाला आॅटो आया। बहुत देर तक हार्न बजाने के बाद भी जब बच्चे बाहर नहीं आए तो पड़ोसियों ने घर में देखा तो वह शवों को देखकर सन्न रह गए...

2 min read
Google source verification
photos from ranchi of family

photos from ranchi of family

(पत्रिका ब्यूरो,रांची): सोमवार को रांची में दिल्ली के बुराड़ी कांड जैसे एक ही परिवार के सात लोगों के सामूहिक आत्महत्या का मामला सामने आया। इस मामले में पुलिस को एक बड़ा सबूत हाथ लगा है जिससे की सातों लोगों के आत्महत्या करने के तरीके और ऐसा करने के कारण का खुलासा हो गया है।

मिला सुसाइड नोट

रांची में सात लोगों की एक साथ मौत मामले में पुलिस को 17 पेजों का सुसाइड नोट मिला है। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने बताया कि मृतक के घर से 15 और 2 पेजों का सुसाइड नोट बरामद किया गया है। इस सुसाइड नोट में दीपक झा ने अपने ऊपर कर्ज का जिक्र करते हुए आत्महत्या की बात कही है। सुसाइड नोट के मुताबिक पहले दोनों भाइयों ने परिवार के 5 सदस्यों की हत्या की और फिर खुद फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

पहले यूं की हत्या फिर की खुदखुशी

पुलिस के मुताबिक दोनों बच्चों और दीपक की पत्नी की गला दबाकर हत्या की गई, जबकि दोनों भाईयों ने माता-पिता को चाकू मार कर हत्या कर दी। बाद में दोनो भाईयों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। दीपक झा और उसके भाई का अलग-अलग सुसाइड नोट मिला है। रूपेश झा ने दो पेज के सुसाइड नोट में पूरी घटना का जिक्र किया है। दीपक झा का 15 पेज का सुसाइट नोट मिला है, जिसमें कर्ज का जिक्र है।

पडोसियों ने देखा तो घर में दिखाई दिए शव ही शव

बता दें कि मूलत: बिहार के भागलपुर के रहने वाले सच्चिदानंद झा का परिवार रांची में किराए के मकान में रहते थे। उनके साथ उनकी पत्नी, दोनों बेटे दीपक झा और रूपेश झा साथ ही दीपक के बीवी बच्चे रहते थे। सोमवार सुबह परिवार के सात लोगों के शव घर में मिले। मरने वालों में 40वर्षीय दीपक झा, उनकी पत्नी सोनी देवी, भाई रुपेश झा, मां गायत्री देवी, पिता सच्चिदानंद झा, साढ़े पांच वर्षीय पुत्री दृष्टी और डेढ़ साल का बेटा जागू शामिल है। मामले का खुलासा तब हुआ जब रोज की तरह बच्चों को स्कूल के लिए लेने वाला आॅटो आया। बहुत देर तक हार्न बजाने के बाद भी जब बच्चे बाहर नहीं आए तो पड़ोसियों ने घर में देखा तो वह शवों को देखकर सन्न रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी।