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रतलाम

Watch video : जिले में 1200 टीबी मरीज एक्टीव…

रतलाम। जिले में अब भी टीबी के 1200 मरीज एक्टीव है, जिनका उपचार जारी है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत अभियान के अन्तर्गत इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। जिले में 1700 मरीज टीबी से पीडि़त थे, कुछ ठीक हो गए। योजना अन्तर्गत 1200 मरीजों में से 64 को फूड बास्केट दी जा चुकी है, एक टीबी से पीडि़त बालिका को कलेक्टोरेट में कलेक्टर व चिकित्सकों ने फूड बास्केट भेंट दी। 17 मरीजों को विधायक देंगे।

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छय रोग उन्मूलन की जानकारी देते हुए यह बात पत्रकारवार्तामें डॉ. अभिषेक अरोरा ने दी। बात पत्रकारवार्ता कलेक्टोरेट मिटींग हॉल में कलेक्टर नरेंद्रकुमार सूर्यवंशी, सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ननावरे, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी रजनीश सिन्हा, आरएमओ डॉ. प्रवण मोदी ने संयुक्त रूप से दी। आभा आईडी, क्षय रोग उन्मूलन और लाड़ली बहना योजना के संबंध में जानकारी विभागवार अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

हर नागरिक का बनेगा हेल्थ एकाउंट
एक नए एप के माध्यम से अब जिले के हर नागरिक का आभा आईडी यानि हेल्थ एकाउंट बनेगा। जिसमें उसकी समस्त बीमारियों की जानकारी के दस्तावेज उपलब्ध रहेंगे। ताकि कहीं भी उपचार कराने जाए, तो चिकित्सक को आभा आईडी नंबर देने की जरुरत रहेगी पूरा रिकार्ड उनके सामने होगा। जिले में अब तक 26150 लोगों की आईडी बन चुकी है, जो पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। जिले में 17 लाख लोग हैं, उनकी भी आईडी बनाई जा रही है।

हर नागरिक आभा आईडी
डॉ. अजहर अली ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अन्तर्गत हर नागरिक आभा आईडी बनाई जा रही है। प्रदेश में दूसरे नंबर पर पहले पर बेतूल है, हेल्थ प्रोवाइडर सभी की आभाआईडी बनाना है। यहां के चार सीएचओ जिन्होंने सबसे अधिक आभा आईडी बनाई थी उनका प्रयागराज में आयोजित नेशनल हेल्थ कांफ्रेंस के दौरान सम्मान हो चुका है। जो भी व्यक्ति आधार लेकर जाएगा, उसकी हर सब सेंटर पर सीएचओ आभा आईडी बनाकर मोबाइल से लिंक कर रहे हैंं।