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स्कूल और ट्यूशन के लिए घर से निकली 594 लड़कियां गायब

कभी स्कूल जाते हुए तो कभी ट्यूशन जाने के दौरान घर से निकली बेटियां वापस सुरक्षित नहीं पहुंच रही।

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स्कूल और ट्यूशन के लिए घर से निकली 594 लड़कियां गायब

स्कूल और ट्यूशन के लिए घर से निकली 594 लड़कियां गायब

रतलाम. मध्यप्रदेश के तीन जिलों से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, इन जिलों से महज एक साल में करीब 600 लड़कियां गायब हो चुकी है, आंकड़ों की माने तो रोज एक से दो लड़कियां गायब हो रही है, हैरानी की बात तो यह है कि पुलिस, प्रशासन और परिजनों के ढूंढने के बाद भी ये लड़कियां नहीं मिलती है।

कभी स्कूल जाते हुए तो कभी ट्यूशन जाने के दौरान घर से निकली बेटियां वापस सुरक्षित नहीं पहुंच रही। इनको कौन ले जा रहा है, इस सवाल पर पुलिस का रटा - रटाया जवाब रहता है कोई अज्ञात बहला फुसलाकर ले गया। पिछले वर्ष 1 जनवरी से 30 जून के मुकाबले इस वर्ष इसी समयचक्र में 26 बेटियां अधिक गुम हुई है। रतलाम, नीमच और मंदसौर इन तीन जिलों में महज 362 दिनों में 594 बेटियां गुम हो चुकी है।

रतलाम, मंदसौर और नीमच की पुलिस से बात करें तो दावा चौकसी, गश्त, पुलिस की सक्रियता, सीसीटीवी, बार्डर पर सतर्कता का रहता है, मैदानी हकीकत यह है कि हमारी गायब होती बेटियों को तलाश करने के मामले में इन तीन जिलों की पुलिस पूरी तरह से फिसड्डी साबित हो रही है। जनवरी से जून वर्ष 2021 और इतने ही माह में वर्ष 2022 के पुलिस में दर्ज सिर्फ मामलों को ही देख ले तो यह साफ साबित हो रहा है कि जिस रफ्तार से बेटियों की गुमशुदगी दर्ज हो रही है, उसके बाद हमारी बेटियां पुलिस के होते हुए भी सुरक्षित नहीं है।

ऐसे समझे इस मामले को
शहर के एक महंगे और प्रतिष्ठित स्कूल ने बिते सप्ताह ही अपने यहां कक्षा 9 में पढऩे वाली चार बेटियों को सात दिन के लिए निलंबीत किया है। स्कूल के अनुसार इन चार किशोरियां घर से तो स्कूल यूनिफॉर्म में निकलती है, लेकिन स्कूल आते - आते रास्ते में ही बैग में रखे अन्य कपड़े पहनकर मित्रों के साथ चली जाती है। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक स्कूली छात्रा को स्कूल में ही यूनिफॉर्म के बजाए अन्य कपड़ों में प्रबंधन ने पकड़ा। जब सवाल - जवाब हुए तो यह राज सामने आया कि ऐसा कई दिन से चल रहा है। इसके बाद माता - पिता को बुलाया गया और चार छात्राओं को सात दिन के लिए निलंबीत किया गया।

पुलिस के पास नहीं कोई योजना
असल में पुलिस के पास इस प्रकार की कोई योजना ही नहीं है कि अगर कम उम्र के बच्चें स्कूल यूनिफॉर्म में यहां - वहां पाए जाए तो उनके माता - पिता को बुलाकर सूचना दी जाए। ऐसे में रतलाम हो या मंदसौर या फिर पुलिस धड़ल्ले से इनको बहलाकर ले जाया जा रहा है। इसके बाद इनके साथ क्या होता है, यह किसी को नहीं पता चलता, क्योंकि पुलिस के पास बहलाकर कितनी बेटियां ले जाई गई, यह सूचना तो है, लेकिन सफलता के नाम पर पुलिस के हाथ बताने के मामले में फिलहाल नील बटे सन्नाटा है।

जनवरी से जून तक किशोरियां हुई है गायब
जिला - 2021 - 2022
रतलाम - 164 - 172
मंदसौर - 71 - 79
नीमच - 49 - 59
कुल 284 - 310

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सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय
बेटियां सुरक्षित रहे, यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। पुलिस इस प्रकार के मामलों में संजीदगी दिखाती है। जब भी सूचना आती है, वरिष्ठ अधिकारी स्वयं पड़ताल करते है। अगर कही गुमशुदगी में कोई परिवार की बेटी नहीं मिली है तो इसमे संबंधित एसपी स्वयं जांच करेंगे।
- सुशांत सक्सेना, उपमहानिरीक्षक, रतलाम रेंज पुलिस