
दुकानदारों ने फुटपाथों पर जमाया कब्जा, पक्के स्टैंड बने, पैदल चलना मुश्किल, फुटपाथों पर लगाए गए पौधे और जालिया गायब, स्थाई पार्किंग स्थल बना दिए गए, फुटपाथों का हो रहा निजी उपयोग
रतलाम। शहर के फुटपाथों पर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के लिए लगाए पौधे तक अतिक्रमण और पार्किंग की भेंट चढ़ चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार मुकदर्शक बने हैं। फुटपाथों पर लगाए गए पौधे नष्ट कर वहां निजी उपयोग कर वाहन खड़े किए जा रहे हैं, जिन्हे कोई नहीं देख रहा हैं।
शहर के फुटपाथों पर अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि पैदल चलना दूभर हो गया है। ऐसा प्रतीत होता है मानो फुटपाथों को बेच दिया गया हो, जहां दुकानदारों ने कब्जा जमाकर पक्के स्टैंड बना लिए हैं।
जिम्मेदार तंत्र बेखबर है
आम जनता सडक़ों पर चलने को मजबूर है। फुटपाथों को निजी उपयोग के लिए हथिया लिया गया है, क्योंकि देखने वाला कोई नहीं है। परिणामस्वरूप, पौधों के स्थानों पर कहीं दुकानें तन गई हैं तो कहीं लोगों की निजी सामग्री जमा है, और कहीं वाहनों की कतारें पार्किंग स्थल बना दिए गए हैं।
पौधे संरक्षण का जालियां गायब
शहर के 80 फीट रोड, अलकापुरी से रत्नेश्वर कॉलोनी और हनुमान ताल पहुंच मार्ग सुंदरता और मॉर्निंग वॉक के लिए आने जाने वाले लोगों के लिए बनाए गए फुटपाथों की सुंदरता नष्ट कर दी गई हैं। फुटपाथों पर ब्लॉक के मध्य जनप्रतिनिधियों ने पौधे रोपे थे, लेकिन अब हालात इतने खराब हैं कि अधिकांश पौधों के संरक्षण के लिए लगाई गई जालियां भी अतिक्रमणकारियों और वाहन पार्किंग करने वालों ने सुरक्षित नहीं छोड़ीं। आज पौधों के स्थान पर बरसाती घास उग रही है और केवल निशान शेष रह गए हैं।
अतिक्रमण पर कार्रवाई की दरकार
शहर के फुटपाथों पर बढ़ता अतिक्रमण न केवल पैदल चलने वालों के लिए समस्या बन रहा है, बल्कि यह शहरी नियोजन और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी विफल कर रहा है। नगर निगम को सख्त कदम उठाते हुए नियमित अतिक्रमण हटाकर फुटपाथों को मुक्त कराना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। इससे यातायात सुगम होगा और शहर की सुंदरता भी बनी रहेगी।
Updated on:
22 Jul 2026 10:10 pm
Published on:
22 Jul 2026 09:58 pm
