
वृक्ष गंगा कावड़ यात्रा में सावन में गायत्री परिवार के सदस्यों ने करवाया शिव-संत-प्रकृति की सेवा का संकल्प। गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र के जप के साथ भगवान काशी विश्वनाथ का पूजन किया।
रतलाम। पर्यावरण संरक्षण एवं संवद्र्धन का उद्देश्य लिए रविवार सुबह अनूठी कावड़ यात्रा का आयोजन किया। गायत्री परिजनों सहित सहभागी संगठनों के सदस्यों और पर्यावरण एवं वृक्ष प्रेमियों ने पौधों से सज्जित कावड़ को कंधे पर धारण कर यात्रा शुरू की तो हर कोई देखता रह गया।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शाखा के सदस्यों ने पौधों से सजी कावड़ उठाकर वृक्षगंगा कावड़ यात्रा का आयोजन किया। गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र के जप के साथ भगवान काशी विश्वनाथ का पूजन कर पौध संरक्षण का संकल्प किया।
यात्रा में गूंजे नारे-प्रज्ञा गीत
वृक्ष गंगा कावड़ यात्रा मित्र निवास रोड, न्यू बैंक कॉलोनी रोड, महाराजा सज्जन सिंह प्रतिमा, दो बत्ती चौराहा होते हुए न्यू रोड से काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर सिविक सेंटर पहुंची। यात्रा में पर्यावरण संरक्षण-जनजागरण से जुड़े नारों के साथ प्रज्ञा गीत गूंजते रहे। यात्रा का अनेक स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
मंगल तिलक एवं रक्षा सूत्र बांधकर अभिनंदन
यात्रा की शुरुआत कालिका माता मंदिर में वृक्ष एवं कावड़ पूजन-अर्चन के साथ की गई। गायत्री परिवार महिला मंडल की बहिनों ने आमंत्रित अतिथियों एवं कावड़ धारण करने वाले भाइयों बहिनों का मंगल तिलक एवं रक्षा सूत्र बांधकर अभिनंदन किया। समापन पर नागरिकों को पौधे वितरित कर उन्हें संरक्षण एवं विकास की जिम्मेदारी लेने का संकल्प दिलाया। अपेक्षा की कि वे पौधे की प्रगति पर हर महीने रिपोर्ट भेजेंगे।
प्रकृति पूजा की ओर भी हमारा कदम बढ़े
आयोजन की मूल भावना को स्पष्ट करते हुए बताया गया कि भगवान शिव ने जिस प्रकार समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को स्वयं ग्रहण कर अमृत देवताओं के लिए छोड़ दिया, उसी प्रकार वृक्ष भी हमारे वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड रूपी विष को ग्रहण कर हमें ऑक्सीजन रूपी अमृत प्रदान करते हैं। इसलिए आज आवश्यकता है कि हमारी शिव पूजा और शिव भक्ति केवल मंदिरों तक सीमित न रहे, बल्कि शिव सेवा से प्रकृति सेवा और शिव पूजा से प्रकृति पूजा की ओर भी हमारा कदम बढ़े। वृक्षों को बचाना और उनकी सेवा करना भी इसी भावना का जीवंत स्वरूप है।
इन्होंने किया कावड़ का पूजन
पूजन आरडीए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, उपाध्यक्ष गोविंद काकानी, एमआईसी सदस्य पार्षद विशाल शर्मा, जअप जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, स्वामी विवेकानंद व्याख्यानमाला समिति अध्यक्ष विम्पी छावड़ा, पर्यावरणविद् डॉ. खुशहालसिंह पुरोहित, गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी पीआर शर्मा, युवा प्रकोष्ठ प्रांतीय संयोजक विवेक चौधरी, राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त सीमा अग्निहोत्री, मोहन मुरलीवाला आदि से डॉ. आईपी त्रिवेदी ने करवाया।
Updated on:
23 Aug 2026 11:00 pm
Published on:
23 Aug 2026 10:54 pm
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