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एक साल बाद स्टेशन पर ठहरी खुशियों की ट्रेन, ‘पत्रिका’ के अभियान को लोगों ने सराहा

जोधपुर-इंदौर ट्रेन का 12 महीने बाद स्टेशन पर स्टॉपेज, लोगों ने किया ट्रेन चालक का स्वागत, पत्रिका का भी जताया आभार

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मंदसौर. करीब एक साल से अधिक समय के बाद गरोठ रेलवे स्टेशन पर जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव हुआ तो आमजन के चेहरे खिल उठे । गरोठ रेलवे संघर्ष समिति के सदस्य गुरुवार को गरोठ रेलवे स्टेशन पहुंचे और जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन के चालक सहित स्टाफ का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान समिति सदस्यों ने करीब 12 माह के बाद पटरी पर लौटी ट्रेन के साथ फोटो भी लिया और अपनी खुशी का इजहार किया।

पत्रिका को दिया धन्यवाद
रेलवे संघर्ष समिति के राकेश पाटीदार ने कहा कि 'पत्रिका' के अभियान से यह संभव हुआ है कि फिर से गरोठ क्षेत्रवासियों को ट्रेन की सुविधा मिली है और इसके लिए 'पत्रिका' का बहुत-बहुत आभार। समिति सदस्य राहुल हरसौला ने भी धन्यवाद देते हुए कहा कि 'पत्रिका' ने आमजन की आवाज को उठाया। जिसके परिणाम स्वरूप यह स्टॉपेज हुआ है। उमंग जैन ने कहा कि समिति सदस्य सहित सभी लोग 'पत्रिका' का आभार व्यक्त करते हैं। हमारी आवाज को 'पत्रिका' ने ही बुलंद किया और समस्या का निराकरण हुआ।

अभियान के बाद स्टॉपेज का दौर शुरू
पत्रिका ने ट्रेनों के स्टॉपेज फिर से शुरु हो और आमजन को फिर से सुविधा मिले। इसके लिए अभियान 'हमें लौटा दो हमारी ट्रेन' चलाया था। अभियान का असर हुआ और रेलवे ने देहरादून एक्सप्रेस का सुवासरा, जोधपुर इंदौर रणथंबोर एक्सप्रेस का गरोठ, बीकानेर-बिलासपुर भगत की कोठी एक्सप्रेस का शामगढ़, बिलासपुर-बिकानेर का शामगढ़ एवं जयपुर-मुबई का शामगढ़ में स्टॉपेज प्रारंभ किया है।

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