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रतलाम

देखें वीडियो: अन्नपूर्णा के दर चलता अखंड भंडारा

रतलाम। अक्सर कहा जाता है, इतना ही लो थाली में, व्यर्थ नहीं जाए नाली में। इस लोकोक्ती को मध्यप्रदेश के रतलाम में 100 से अधिक सालों से चरितार्थ किया जा रहा है। यहां चल रहे अलग-अलग भंडारे में लिया व दिया इतना ही जाता है, जो कभी व्यर्थ नहीं ंजाए। आज जब पूरा विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मना रहा है, तब इस मामले में काम करने वाले लोग प्रेरणा दायक है।

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शहर के अन्नक्षेत्रों का एक दाना व्यर्थ न जाए और हर भुखे को भरपेट अन्नपूर्णा का आशीर्वाद मिले, बस इसी उद्देश्य को लेकर शहर में बरसों से अखंड भंडारे संचालित हो रहे हैं, जहां आज तक न तो अन्न की कमी खली और ना ही अन्नदाताओं की, यहां आने वाले आज तक भूखा नहीं गया। शहर के दान-दाताओं के माध्यम से खाद्य की चिंता व सजगता इतनी कि भंडारों में एक भी दाना व्यर्थ नहीं जाता।

तीन अन्न क्षेत्र हो रहे संचालित
ऐसी जागरूकता के लिए शहर के सामाजिक-धार्मिक संस्था संगठनों के पदाधिकारी भी नित्य प्रयासरत है। शहर में तीन अन्न क्षेत्र संचालित होते जहां हर नियमित रूप से सैकड़ों की संख्या में निराश्रित नियमित भोजन करते हैं। इसमें प्रमुख रूप से सिलावटों का वास स्थित श्री अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र, त्रिवेणी बद्रीनारायण सेवा ट्रस्ट और कालिका माता मंदिर सेवा मंडल ट्रस्ट पर नियमित भंडारे के रूप में भोजन प्रसादी का आयोजन होता है।

सिलावटों अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र 110 सालों से
श्री अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट बोर्ड सिलावटों लक्कड़पीठा का वास में 110 सालों से संचालित होता है। जहां पर 52 महिला-पुरुषों के नित्य दो समय भोजन से लेकर हर जरुरत का ध्यान रखा जाता है। इसमें शहर के दानदाताओं का भी बड़ा सहयोग मिल रहा है। यहां निराश्रितों के लिए रहने उठने-बैठने, टहलने, विश्राम और मंदिर आदि की पर्याप्त व्यवस्था है।

त्रिवेणी में 39 सालों से अन्नक्षेत्र
त्रिवेणी के पावन तट पर बद्रीनारायण सेवा ट्रस्ट के माध्यम से अन्नक्षेत्र पिछले 39 साल संचालित हो रहे हैं। डोंगरेजी महाराज की कथा के साथ यहां अन्नक्षेत्र की शुरुआत की गई थी, जो आज तक अनवरत चल रही है। यहां नियमित रूप सुबह 11 बजे 40-50 निराश्रितों के लिए भोजन बनाकर करवाया जाता है।

कालिका माता अन्नक्षेत्र 31 सालों से
कालिका माता मंदिर परिसर में नियमित रूप से कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट के माध्यम से पिछले 31 सालों से अन्नक्षेत्र संचालित हो रहा है। जिसमें नियमित रूप से सुबह 11 बजे 225 से अधिक निराश्रितों को भोजन करवाया जाता है। इसके अलावा शहर के अन्य आश्रमों पर भी समय-समय पर सेवाएं दी जाती है।

ताकि कोई झूठा नहीं छोड़े
लायंस क्लब रतलाम गोल्ड और एक्टिव के 50 के करीब सदस्य नियमित रूप से अन्नम-रक्षम के नाम से हर सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रम में अन्न बचाने, झुठन नहीं छोडऩे आदि के लिए प्रेरित करते है। सौरभ भंडारी ने बताया कि गोल्ड अध्यक्ष भावना पुरोहित, सचिव संतोष जोशी, कोषाध्यक्ष कविता राजपुरोति, चार्टर प्रेसिडेंट कल्पना पुरोहित के प्रयासों से टीम के सदस्य अलग-अलग स्लोगन के माध्यम से हर डस्टबीन एक सदस्य तैनात रहता है, ताकि कोई झूठा नहीं छोड़े।