अन्न उत्सव भी अब औपचारिकता मात्र बनकर रह गया, शासन की ओर से एक माह में दो बार उत्सव मनाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक राशन पहुंचे, लेकिन हाल यह है कि कई स्थानों पर दुकानें ही बंद पड़ी है तो कही पूरे दिन सर्वर बंद होने के कारण उपभोक्ता दुकानों के चक्कर लगाकर घर लोट गए।
ऐसी की गई थी व्यवस्था
शासन के निर्देशानुसार जिले में 16 एवं 17 मार्च को प्रात: 9 बजे से सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर अन्न उत्सव आयोजित करना है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम को सभी उचित मूल्य दुकानों पर आवंटन अनुसार राशन का प्रदाय सुनिश्चित करना था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बड़ोदिया की राशन दुकान पर सुबह 11.49 बजे ताला लगा हुआ मिला।
बड़ोदिया राशन की दुकान पर लटका ताला
शासन के निर्देशानुसार 16 मार्च को अन्न उत्सव मनाया जाना था, लेकिन इस दिन भी बड़ोदिया की राशन दुकान पर सुबह 11.49 बजे तक ताला लगा था। यहां आ रहे उपभोक्ताओं का भी कहना था कि आए दिन दुकान बंद ही रहती है। जब इस संबंध में दुकान संचालक नरेंद्र दुबे से जानकारी चाही तो उनका कहना था कि सर्वर बंद है, मैं एक कार्यक्रम में आ गया था। मैने वहां एक व्यक्ति को छोड़ रखा है, जिस कहा था कि कोई भी आए तो पहले मुझसे सम्पर्क करें। खाद्य विभाग अधिकारी जो मशीनों का काम देखते है पंकज ने कहा कि सर्वर दो-ढाई बजे बाद चालू होने की संभावना है, मैने कहा ठीक है।
कई ग्राहक खाली गए, सर्वर बंद
दोपहर 1 बजकर 3 मिनट पर रिंगनिया सोसायटी संचालक सामरसिंह ने बताया कि अभी आवंटन आया नहीं है, खरीदकर गेहूं लाकर रखे है। ताकि उपभोक्ता खाली नहीं जाए। कितने ही ग्राहक आए, लेकिन सर्वर बंद पड़ा है। इसलिए नहीं दे पाया।
उपभोक्ताओं का मना करना पड़ा
दोपहर 2.42 मिनट पर मलवासा राशन दुकान संचालक विनोद जाट ने बताया कि राशन बांटों तो हर दिन अन्न उत्सव है। कल दोपहर 12 बजे से सर्वर बंद पड़ा है, अब तक चालू नहीं हुआ। कई उपभोक्ता आकर चले गए मना करना पड़ा।
उपभोक्ताओं का मना करना पड़ा
शाम 4 बजकर 2 मिनट पर जड़वासाकलां शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालक मुकेश पाटीदार ने बताया कि सर्वर बंद है। सुबह से सात-आठ उपभोक्ता आए थे, लेकिन उन्हे मना करना पड़ा। शुक्रवार को यहां दुकान बंद रहेगी।