26 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये ग्रह कर रहा है अटल जी को परेशान, नाम पढ़कर ही जान जाएंगे आप, न्याय मंत्रालय है इनके पास

ये ग्रह कर रहा है अटल जी को परेशान, नाम पढ़कर ही जान जाएंगे आप, न्याय मंत्रालय है इनके पास

3 min read
Google source verification
Atal Bihari Vajpayee

facts related to atalji in jabalpur

रतलाम। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी इन दिनों गंभीर रुप से बीमार है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार शनि ग्रह ने इनको पूरी जिंदगी नाम दिया है। इनकी जन्म के बारे में विस्तार से देखें तो 25 दिसंबर 1924 को सुबह 4 बजे करीब इनका जन्म समय मध्यप्रदेश के ग्वालियर में माना जाता है। इनका जन्म ज्येष्ठा नक्षत्र के दूसरे चरण के साथ तुला लग्न में हुआ है। तुला राशि में इस समय गुरु ग्रह चल रहे है। इस समय इनको न्याय के देवता बार-बार बीमार कर रहे है। ये बात रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिषी वीरेंद्र रावल ने कही। वे अटल जी के बारे में भक्तों के द्वारा किए गए सवालों के जवाब दे रहे थे।

अटल जी की कुंडली को देखें तो शनि ग्रह तुला लग्न में है। उच्च का शनि ने इनको प्रधान पंचमहापुरुष योग जिनमे शशक, जनप्रिय नेता, चक्रवती के साथ - साथ बेहतर कवि बनाया है। इसके अलावा वृश्चिक राशि या लग्न से दूसरा चंद्रमा के साथ शुक्र बैठे है। कुंडली का विस्तार से अध्ययन किया जाए तो तिसरे भाव में धनु राशि के सूर्य, बुध व चौथे भाव में गुरु के साथ केतु बैठे है। लग्न से छठा मंगल है जबकि दशम भाव मंे राहु बैठे हुए है। कुंडली के अनुसार लग्न के स्वामी शुक्र का शनि के नक्षत्र में बैठना ही बड़ा राजयोग बनाता रहा। कर्मभाव के स्वामी चंद्र का भाग्य भाव के स्वामी बुध के नक्षत्र ने दूसरे भाव में बैठकर इनको एेसा वक्ता बनाया जो जनप्रिय रहा।

अष्टकवर्ग में है ये स्थिति

अटल जी के जन्मकुंडली में अष्टकवर्ग के लग्न में ही सबसे अधिक 37 बिंदु हैं, जो अटल जी का व्यक्तित्व निखारने में महत्वपुर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन्हीं प्रभावशाली श्रेष्ठतम बिंदुओं के फलस्वरूप दशमेश एवं लग्नेश ने इन्हें भारत रत्न जैसे श्रेष्ठतम नागरिक सम्मान से अलंकृत किया। इन्हीं दशमेश चंद्रमा की अंतरदशा के मध्य उन्हें सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान से अलंकृत करने की घोषणा भी की गई। ये ही वो कारण रहा कि वे विपरीत विचारधारा के नेताओं में भी सम्मानीत रहे।

शनि व राहु ने किया बड़ा कार्य

अटल जी की कुंडली में तीसरे भाव का सूर्य और छठे भाव में विराजमान मंगल ने इनको साहसी बनाया। लेकिन गौर करें तो कुंडली में प्रमुख भूमिका निभाने वाले ग्रह जनता के कारक शनि, चंद्रमा राजनीति के कारक राहु मुख्य हैं। अटल जी का जीवन शनि राहु और चंद्रमा के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। शनि ने इन्हें जनप्रिय बनाया तो वहीं राजनीति में प्रखरता राहु के प्रभाव के चलते आई।

शनि की चल रही साढे़साती

अटल बिहारी वाजपेयी की कुंडली अनुसार इस समय की सेहत की बात करें तो इनकी कुंडली में मई 2018 की शुरुआत से से ही शनि की महादशा शुरू हुई और इस समय साढ़ेसाती भी चल रही है। इसलिए शनि की साढ़ेसाती एवं दशा और बृहस्पति का गोचर इन्हें शारीरिक कष्ट प्रदान कर रहा है, जो कि अक्टूबर 2018 तक जारी रहेगा। वर्तमान समय में इन पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम 200 दिन कष्ट वाला रहेगा।