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देखें VIDEO : भाजपा के भगत सिंह भदोरिया, कांग्रेस के मयंक जाट गए जेल

करीब 11 साल पहले देर रात 11.30 बजे हुए एक विवाद के मामले में कोर्ट ने शनिवार को अपना महत्वपूर्ण निर्णय दे दिया। शाम को करीब 6 बजे बाद भाजपा के भगत सिंह भदोरिया व कांग्रेस के मयंक जाट सहित अन्य अपराधियों को जेल भेज दिया गया।

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 Bhagat Singh Bhadoria of BJP, Mayank Jat of Congress went to jail

Bhagat Singh Bhadoria of BJP, Mayank Jat of Congress went to jail

रतलाम. करीब 10 साल पुराने मामले में कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया है। फैसले में भाजपा नेता, निगम में एमआईसी सदस्य और नेता पक्ष भगतसिंह भदौरिया और कांग्रेस के महापौर पद के प्रत्याशी रहे युवक कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट को शनिवार को सजा सुनाई गई है। सजा पाने वालों में भाजपा के खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक यतेंद्र भारद्वाज भी हैं। सभी आरोपी कोर्ट में सजा सुनाते समय मौजूद थे।

10 साल पुराना है मामला
रतलाम की डाट की पुलिया क्षेत्र में करीब 10 साल पहले 2012 में अंबर ग्रुप और भदौरिया गुट के बीच जमकर मारपीट हुई थी। मामले में शहर के भाजपा व कांग्रेस से जुड़े नेता दोनों पक्षों में शामिल थे। इस समय गोली और तलवार से हमला हुआ था और चार लोग घायल हुए थे। अंबर ग्रुप के साथ उस समय उजाला ग्रुप भी शामिल था और दोनों एक साथ मिले हुए थे। वारदात में चार लोग गंभीर घायल हुए थे। इनमें से दो का लंबा इलाज चला था। तब स्टेशन रोड थाने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

दो लोगों की हो चुकी है मौत
मामले में तब दोनों पक्षों के एक दर्जन लोगों पर केस दर्ज किया गया था। केस काफी लंबा चलता रहा और इसी दरमियान दो लोगों रितेश भदौरिया और रमेश सिंधी की मौत हो चुकी है। तृतीय जिला एवं सत्र कोर्ट में शनिवार को फैसले का दिन था। कोर्ट ने सुुबह करीब 12 बजे दोनों ही पक्षों की उपस्थिति में सजा का ऐलान कर दिया। फैसले के पहले कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में दोनों ग्रुप के समर्थक मौजूद थे। अंबर ग्रुप मयंक जाट और अन्य को छह साल की सजा सुनाई गई जबकि भदौरिया ग्रुप के भगतसिंह भदौरिया और अन्य को सात साल की सजा सुनाई गई।

पहले हुआ मेडिकल

जेल भेजने के पहले सभी अपराधियों का मेडिकल जिला चिकित्सालय लाकर कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में दोनों पक्ष के समर्थक खड़े रहे। बाद में पुलिस के वाहन से सभी को जेल भेज दिया गया। जेल में दोनों पक्ष के अपराधियों को अलग-अलग जगह रखा गया है।