
निजी स्कूलों की मनमानी : पूरी फीस जमा करने को लेकर बना रहे दबाव, अभिभावकों ने किया हंगामा
रतलाम। शहर के निजी स्कूल के मनमानी के चलते अभिभावकों ने स्कूल परिसर में स्कूल फीस को लेकर गुरुवार को दिन में हंगामा कर दिया। पहले भी स्कूल परिसर में हंगामे के बाद प्रबंधन एवं अभिभावकों के बीच विवाद हो चुका है, वहीं एक अन्य स्कूल द्वारा भी पूरी फीस भरने और प्रवेश पत्र नही देने की बात सामने आई है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी सिर्फ जांच करने की बात कह रहे है।
क्या कहते हैं शिक्षा अधिकारी
वहीं, अभिभावकों का आरोप है कि, स्कूल प्रबंधन न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश की अवहेलना कर रहा है और पूरी फीस जमा करने के लिए दबाव बना रहा है। अभिभावकों का कहना है स्कूल से हमें फोन कर लगातार फीस जमा करने की बात की जा रही है।हम जब स्कूल में केवल टयूशन फीस की बात करते हैं, तो वो पूरी फीस मांगने लगते हैं। वर्तमान समय कोरोना संक्रमण में भी स्कूल प्रबंधक शासन के नियमों का पालन नहीं कर रहा है, जबकि शासन द्वारा केवल ट्यूशन फीस लेने की बात कही गई है, जिसके विपरीत स्कूल प्रबंधक अन्य गतिविधियों की फीस भी इंक्लूड कर रहा है, जो गलत है। इसका हम सभी अभिभावक विरोध करते आए हैं और आगे भी करेंगे।
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इस बात पर भड़क उठीं महिला
वहीं इसी स्कूल में पढने वाले विद्यार्थी की एक माता ने आरोप लगाते हुए कहा कि, स्कूल में अपने बच्चे की पुरी फीस भर चुकी है। जब प्रबंधन ने उन्हें बताया कि, आपके बच्चे की 25 प्रतिशत फिस माफ कर दी गई है, जिसे अगले सत्र के लिए स्कूल ने पहले ही जमा करके रख लिया है।इसपर महिला भड़क उठी। उन्होंने कहा कि, जो फीस माफ हुई वो वापस मिलना चाहिए, क्योंकि ये उनकी मर्जी है कि, भविष्य में वो अपने बच्चे को उस स्कूल में पढ़ाएं भी या नहीं।
गुजराती समाज स्कूल की भी यही दास्तां
वहीं, न्यू रोड स्थित गुजराती समाज स्कूल में भी पालको पर फीस को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन द्वारा टयूशन फीस के अलावा अन्य गतिविधियों की फीस भी मांगी जा रही है और परिजन को लिखित में ये भी नही बताया जा रहा कि, कुल कितनी फीस निर्धारित की गई है, जिसमें टयूशन फीस कितनी है। परिजन का कहना है कि, जब हम पूछते है कि, टयूशन फीस कितनी है, तो कोई जानकारी नही देता। स्कूल प्रबंधन द्वारा बस मौखिक रूप से ही जानकार दी जा रही है और पूरी फीस जमा करने का दबाव पालकों पर बनाया जा रहा है। वहीं, परीक्षा का प्रवेश पत्र भी नही दिया जा रहा है। पालको का कहना है कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को भी सूचित कर दिया गया है। लेकिन अबतक उनकी ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
Published on:
10 Dec 2020 10:09 pm
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