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@Patrika Sting Operation- सैलाना में उपचार के नाम मौत बांटते फर्जी डॉक्टर

आदिवासी अंचल में बंगाली व बिना डिग्री वाले कथित चिकित्सक क्लीनिक के नाम पर अपनी दुकान धडल्ले से चला खूब चांदी काट रहे हैं। 
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vikram ahirwar

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Updated: 21 Dec 2016, 1:26 PM IST

Ratlam News

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कमलसिंह / गौरीशंकरसिंह जोधा

रतलाम। रतलाम जिले में झोलाछाप फर्जी डॉक्टर उपचार करने के नाम पर सरेआम लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं। खासकर ग्रामीण व आदिवासी अंचल में एेसे बंगाली व बिना डिग्री वाले कथित चिकित्सक क्लीनिक के नाम पर अपनी दुकान धडल्ले से चला खूब चांदी काट रहे हैं। इतना ही नहीं गांव के लोगों के बीच बकायदा डॉक्टर के नाम से ख्यात हो चुके हैं। ग्राम्यांचलों में चल रहे इस मौत के खेल की जानकारी जिले के सभी बड़े अधिकारियों और चिकित्सा के मातहतों को है, बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। पत्रिका के वृहद अभियान की पहली कड़ी में यूं कैमरे में कैद हुआ सैलाना में होता यह मौत का उपचार।

अंचल में दलालों के संरक्षण में ये 'मौत के सौदेÓ होते है। दलाल पहचान के डॉक्टर के नाम से लोगों को फांस बकायदा उस द्वार तक ले आते है, तो हर मरीज पर तय कमीशन भी होता है। सैलाना में दो स्थानों पर स्टिंग ऑपरेशन में ऐसे दो फर्जी झोलाछाप के क्लीनिक सामने आए जिनके पास डिग्री ही नहीं है। एक ने तो भोपाल से होना बताया, जबकि दूसरे ने भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ट के नाम बना प्रमाण पत्र दिखा दिया।


पहला दृश्य- ये हर मर्ज का करते हैं इलाज


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सैलाना में प्रवेश करते ही पुलिस थाने से थोड़ा आगे बस स्टैंड के समीप एक मार्केट में दवाखाना लिखा बोर्ड टंगा नजर आया। पत्रिका टीम वहां पहुंची तो देखा कि एक टेबल से लगी कुर्सी पर ये फर्जी डॉक्टर बैठे थे। पास ही पर्दा लगा था और उसके पीछे लगी बड़ी सी टेबल पर एक व्यक्ति लेटा था। जानकारी लेने पर डॉक्टर बैरागी ने सामने की दीवार पर लगी डिग्री की तरफ इशारा किया कि ये उनके पास है और वे 20 सालों से यहां प्रैक्टिस कर रहे हैं। ये डिग्री (प्रमाण पत्र) भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ ने किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बदले दिया था। इतने में ही पर्दे के पीछे लेटा व्यक्ति उठा और स्वयं को पत्रकार बताते हुए कहने लगा कि यहां कोई जांच नहीं होगी, उसने बकायदा पत्रिका टीम के सामने अपनी पहुंच बता रौब झाडऩे में देरी नहीं की। इसी बीच यहां पहुंचे एक मरीज को उस झोलाछाप ने इंजेक्शन भी लगाया।

दूसरा दृश्य- ये हैं दांत के डॉक्टर


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सैलाना में स्टेट बैंक की शाखा के पास की गली में दांत के डॉक्टर का क्लीनिक। यहां बकायदा डॉक्टर का बोर्ड लगा है। प्रवेश करते ही बाहर के हिस्से में चश्मों की दुकान है और अंदर डॉक्टर उपकरणों के पास बैठे हुए थे। पूछने पर बताया कि वे रतलाम से यहां 20 सालों से दांतों का इलाज कर रहे हैं। अपना नाम बीके पंजाबी बताया। उनका कहना है कि उनके पास भोपाल से डिग्री मिली हुई है। क्लीनिक के अंदर दांतों के इलाज के सारे उपकरण हैं। उनके अनुसार यहां नकली दांत भी बनाकर लगाए जाते हैं। बुजुर्ग डॉक्टर ने जानकारी लेने पर कहा कि उनके काम से यहां सब लोग संतुष्ट हैं। डिग्री किस संस्थान से मिली यह बीडीएस की है या नहीं इस बारे में उनका कहना था कि भोपाल के संस्थान से मिली है और यह बीडीएस जैसी ही है लेकिन बीडीएस नहीं है।

समय-समय पर करते हैं कार्रवाई

बिना डिग्री वाले डॉक्टरों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई करते हैं। अब फिर नए सिरे से इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारियों की नियुक्ति कर देंगे।

-डॉ. शैलेष डांगे, बीएमओ सैलाना