
#Ratlam पिता की हत्या करने वाले दोनों बेटे आजीवन रहेंगे जेल की सलाखों में
रतलाम. न्यायालय (अपर सत्र न्यायाधीश अरुणकुमार खरादी) ने पिता की हत्या करने वाले दोनों पुत्रों भरतलाल भाभर पिता सोमाजी भाभर व गणेश भाभर को धारा 302/34 में आजीवन कारावास व तीन-तीन हजार रुपए का अर्थदंड, धारा 201 में तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व दो-दो हजार रुपए के अर्थडंद से दंडित किया है। इन्होंने पिता की हत्या करके उनके शव को गांव के एक किसान के कुएं में फैंक दिया था। प्रकरण में तीसरे अभियुक्त सोमाजी के भाई व भरतलाल व गणेश के काका मोहन भाभर को दोषमुक्त कर दिया गया।
अपर लोक अभियोजक तरुण कुमार शर्मा ने बताया घटना अनुसार 19 अक्टूबर 2016 को ग्राम भाटी बड़ोदिया में जानकीलाल के कुएं में 55 साल के सोमाजी भाभर का शव मिला था। शव सडऩे से उसके शरीर पर चोट के निशान दिखाई नहीं दिए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत पानी में डूबने से होना बताया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की को मामला हत्या का निकला।
जांच में सामने आया हत्या की
जांच में पुलिस ने पाया कि हत्या सोमाजी के पुत्र भरतलाल व गणेश ने अपने काका मोहन के साथ मिलकर की है। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि 16 अक्टूबर 2016 की रात सोमाजी ने अपनी पत्नी गुलाबबाई से मारपीट की थी व पुत्र गणेश को चाकू मार दिया था। इसे लेकर भरतलाल, गणेश व मोहन ने मिलकर सोमाजी से मारपीट की।
मर गया तो कुएं में फैंक दिया
सोमाजी बचने के लिए घर से निकलकर गांव के मुक्तिधाम रोड पर जा रहा था, तभी वह हैंडपंप के पास गिरकर बेहोश हो गया था। तीनों ने मरा समझ कर सोमाजी को कुएं में फैंक दिया, जिससे पुलिस व लोग समझे की सोमाजी की मौत डूबने से हुई है। 19 अक्टूबर को भरत ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसके पिता की कुएं में डूबने से मौत हो गई है। हत्या का मामला पाया जाने पर पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने भरत व गणेश को सजा सुनाई व मोहन को दोषमुक्त किया।
Published on:
19 Nov 2022 08:59 pm
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