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#Ratlam रिश्वतखोर जिला आयुष अधिकारी को चार साल की सजा

रिश्वत मामले में लोकायुक्त ने किया था ट्रेप, सेवानिवृत्त कर्मचारी के भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत की राशि

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रतलाम

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Kamal Singh

Nov 22, 2022

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#Ratlam रिश्वतखोर जिला आयुष अधिकारी को चार साल की सजा,#Ratlam रिश्वतखोर जिला आयुष अधिकारी को चार साल की सजा

रतलाम. लोकायुक्त द्वारा रिश्वत लेते गिरफ्तार तत्कालीन जिला आयुष अधिकारी 40 साल की डॉ. नीलम कटारा पिता विजयसिंह कटारा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाघीश संतोष कुमार गुप्ता की अदालत ने चार साल के कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। सात साल पहले 2015 में डॉ. कटारा चार हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार की गई थी।

यह था मामला
विशेष लोक अभियोजक रोजर चौहान बताया कि 26 अक्टूबर 2015 को आवेदक डॉ. सुरेशचन्द्र शर्मा पिता नानालाल शर्मा सेवानिवृत्त जिला आयुष अधिकारी जिला ने लोकायुक्त उज्जैन में लिखित शिकायत आवेदन दिया था कि 30 जून को सेवानिवृत्ति पश्चात उसे अव्यवसायी भत्ते की राशि करीब 8,96,000 रुपए का भुगतान किया जाना है। डॉ. नीलम कटारा इस राशि के भुगतान के लिए पांच हजार की रिश्वत की मांग कर रही है।

इसके बाद 3 नवंबर 2015 को आरोपी को उसके जिला आयुष अधिकारी कार्यालय में डॉ. नीलम कटारा को आवेदक सुरेशचन्द्र से 4,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त के निरीक्षक प्रशांत मुकादम ने ट्रेप किया था। विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त ने अभियोग पत्र 8 जून 2017 को विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया था। विचारण उपरांत विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए उक्त सजा सुनाई।

इन धाराओं में सुनाई सजा
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष लोक अभियोजक रोजर चौहान ने बताया विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त उज्जैन के विशेष प्रकरण में डॉ. नीलम कटारा पिता श्री विजयसिंह कटारा आयु 40 वर्ष तत्कालीन जिला आयुष अधिकारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 7 और 13 (1) डी में दोषसिद्ध पाते हुए धारा 7 को 13 (1) डी में समाहित मानते हुए, बड़ी धारा 13 (1) डी सहपठित धारा 13 (2) के अन्तर्गत दंडनीय अपराध के लिए 04 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1000 रुपए के अर्थदण्ड से दंडित कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।