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बुराड़ी कांड: राखी पर घर आने का किया था वादा, अब MP में इस भाई की कलाई रहेगी खाली

बुराड़ी कांड: राखी पर घर आने का किया था वादा, अब MP में इस भाई की कलाई रहेगी खाली

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रतलाम। राजधानी दिल्ली के बुराड़ी में हुई 11 आत्महत्याओं ने पूरे देश को झंझकोर कर रख दिया है। एक तरफ मंदसौर से लेकर सतना तक गैंगरेप तो दूसरी तरफ दिल्ली का ये कांड। इन सब के बीच इन आत्महत्याओं ने मध्यप्रदेश के एक भाई को हमेशा के लिए निराश कर दिया है।

असल में मध्यप्रदेश से इन आत्महत्याओं का गहरा संबंध है। अब तक धार व रतलाम संसदीय सीट के झाबुआ से आत्महत्या करने वाले परिवार के संबंध सामने आ रहे थे, लेकिन अब ये बड़ा खुलासा हुआ है कि रतलाम रेंज के मंदसौर से भी इस परिवार के करीबी व गहरे संबंध थे। हम आपको बता रहे है कि किस तरह से इन आत्महत्याओं ने एक भाई की कलाई को हमेशा के लिए सूनी कर दिया है।

परिवार की बेटी थी

राजधानी दिल्ली के बुराड़ी कांड का कनेक्शन मंदसौर के नारायगणगढ़ से जुड़ गया है। बुराड़ी में पिछले दिनों एक ही परिवार के 11 सदस्य फांसी पर झूल गए थे। इनमें एक मृतक महिला सवितासिंह उर्फ श्वेता नारायणगढ़ के चौहान परिवार की बेटी थी और उसने परिवार से रक्षाबंधन पर घर आने का वादा भी किया था। सविता का एक भाई लोकेन्द्रसिंह चौहान नारायणगढ़ में रहता है और मल्हारगढ़ में शिक्षक है। घटना के बाद से ही चौहान परिवार पुलिस की जांच पर नजरें लगाए है। श्वेता के तीन बच्चे नीतू मोनू और धु्रव भी फांसी पर लटक गए थे।

25 वर्ष पहले जुड़े थे तार

लोकेन्द्रसिंह ने बताया कि उनकी चचेरी बहन श्वेता का विवाह करीब 25 साल पहले भुवनेशसिंह उर्फ भूपेन्द्र चूड़ावत से हुआ था। भूपेन्द्र पहले रावतभाटा में डेयरी का काम देखते थे, बाद में वे वहां से दिल्ली चले गए। इसके बाद बहन श्वेता गर्मियों की छुट्टी में नारायणगढ़ आती थी, कभी भी वो परेशान नहीं दिखी। इस साल मकान का कार्य चलने से वह नारायगढ़ नहीं आई, लेकिन यह जरूर कहा था कि रक्षाबंधन पर घर आएगी।

परिवार सदमे में आ गया

लोकेन्द ने बताया कि श्वेता का एक भाई लक्ष्मणसिंह चौहान नारायणगढ़ में ही रहता है और समीप के मल्हारगढ़ के एक निजी स्कूल में शिक्षक है। श्वेता की बहन भंवरकुंवर का विवाह चौमहला के पास कुंडला गांव मेंं हुआ है। लोकेंद्र ने बताया कि घटना की सूचना के बाद से ही पूरा परिवार सदमे में है, हम ये भरोसा न कर पा रहे है कि परिवार एेसा कर सकता है।