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शिक्षा क्षेत्र में हो बदलाव…सरकार के समक्ष संत ने रखी सनातन बोर्ड लाने की मांग

रतलाम। मेरी पहली सरकार से मांग है हमें सनातन बोर्ड लाना है। पहली से 10वीं तक सनातन बोर्ड हो, इससे ही हमारे बच्चे पास हो। सीबीएससी बोर्ड चलता रहे हमें कोई आपत्ति नहीं पर हमारा समातन बोर्ड हो। जिसमें राम, कृष्ण, महाराणा प्रताप, शिवाजी, चाणक्या आदि मध्यप्रदेश के नायकों है उनकी पढ़ाई हो।

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यह बात शुक्रवार शाम सर्किट हाउस पर राज्य अतिथि के रूप में रतलाम पहुंचे सत्गुरु ऋतेश्वर ने आध्यात्मक दौरे के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। यहां से सत्गुरु उज्जैन महाकालेश्वर ज्योर्तिंलिंग की भस्म आरती में शामिल होंगे। सत्गुरु ऋतेश्वर ने आगे कहा कि रामचरित मानस पर भी विवाद उठा हुआ है। अब वह अवधी भाषा में था, देश, काल पात्र, 500 वर्ष पहले का था। रामायणकाल में रथ चला करते थे अब रॉफेल चलते है। अंतर तो है, मौलिक चीजें वहीं है भौतिक चीजें बदलती रहती है। हम नये जमाने के अनुसार चीजों को बदलते रहते हैं, लेकिन मौलिकता वहीं है सत्य, तप, दया, क्षमा ही है। यहां रथ से रॉफेल आए, ये हमारी भौतिक उन्नति है, लेकिन जो मौलिक धर्म था वहीं था। झंडे और डंडे से भी रामराज्य नहीं आएगा। इसके लिए नि:शुल्क और उत्तम शिक्षा, चिकित्सा, नि:शुल्क व अविलंब न्याय तीन चीजे जहां होगी वहां रामाराज्य आ जाएगा। हनुमानजी की तरह सदा एक बात का ध्यान रखिये कि हम सनातन और समातन का अर्थ होता है जो पहले भी था आज भी है और कल भी रहेगा।

मैं अपने बच्चों को सुपर स्टार क्यों नहीं

सत्गुरु ऋतेश्वर ने कहा कि मैं अपने बच्चे के लिए सबकुछ और श्रेष्ठ व्यवस्था करता हूं, लेकिन फिर भी आपके बच्चे आपको अपना सुपरस्टार और रोलमॉडल क्यों नहीं मानते। किसी सुपर स्टार का फोटो टांगकर उसे अपने सुपरस्टार मानते है, क्या यहीं भारतीय संस्कृति और शिक्षा है। यहीं आध्यात्म और धर्म है। हमें यहीं सिखाना है कि हमारा बच्चा हमें रोल मॉडल माने। हम अगर अच्छा जीवन जीते है तो हमारे द्वारा कही गई बातों का असर दुनिया में होगा, लोग हमें सुनेंगे। भारत में जो लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस करते है, इस पर सत्गुरु ऋतेश्वर ने कहा कि भारत में ही सब लोग सुरक्षित है, भारत के बाहर कोई सुरक्षित नहीं है।