
जावरा। २०-२० हजार रुपयों के लालच में चरस की तस्करी करते हुए दो युवाओं को पुलिस ने धरदबोचा। मामले में नागदा का मुख्य आरोपी अभी फरार है। नागदा से चरस लेकर क्षेत्र में हाईवे पर ढाबे के पास देने वाले थे। पुलिस चरस तस्करी के इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। ५० लाख की चरस के साथ पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें १९ फरवरी तक रिमांड पर भेजा है। एक आरोपी पर शहर थाने में ही बाइक चोरी के मामले में ८ प्रकरण दर्ज है। मामले का सीएसपी आशुतोष बागरी ने शाम को खुलासा किया।
टीआई श्यामचंद्र शर्मा ने बताया कि एसपी अमितसिंह व सीएसपी के निर्देशन में पुलिस ने शुक्रवार को १ किलो ९१० ग्राम अवैध पदार्थ चरस जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब ५० लाख है। इसके साथ मजहर (२२) पठान निवासी रावण दरवाजा, वसीम हुसैन निवासी मुगलपूरा को पकड़ा है। पुलिस को १५ फरवरी की रात ११.३० बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि मजहर काले रंग के बैग में अवैध मादक पदार्थ लेकर बाईक (एमपी ४३ डीव्हाय ५८७१) से बड़ावदा तरफ से आ रहा है, जो गीता भवन मंदिर वाली रोड से शहर में घुसेगा।
यह मादक पदार्थ बाहरी तस्कर को देने जाने वाला है। इस पर सीएसपी ने टीआई के नेतृत्व में टीम का गठन किया और घेराबंदी की। रात करीब १.३० बजे सूचना के आधार पर पुलिस ने बाईक सवार को रोका और तलाश में चरस पाई गई। इसे गिरफ्तार किया गया। इससे पूछताछ पर मजहर ने ८ फरवरी को वसीम ने नागदा वाले भय्या उर्फ शाहिद पिता मोहम्मद सफी से एक किलो १० ग्राम चरस खरीदकर नागदा चंबल नदी के पुल पर दिया था व एक थैली चरस की वसीम ने अपने पास रखी ली थी। मजहर के बताए अनुसार पुलिस ने वसीम को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में बांडाखाल कब्रिस्तान के पास चरस की एक थैली छुपाना बताया बाद में उक्त स्थान से ९०० ग्राम चरस एक थैली में जब्त की गई। कुल मादक पदार्थ चरस १ किलो ९१० ग्राम जब्त की गई और बाईक भी जब्त की है। इसकी कीमत ५० लाख रुपए आंकी जा रही है। इन आरोपियों पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया। चरस तस्करी का मुख्य आरोपी भय्या पुलिस गिरफ्तर से दूर है। पुलिस टीम नागदा में इसकी तलाश कर रही है।
Published on:
17 Feb 2018 05:26 pm
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
