17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रतलाम

#Ratlam patrika: बिटिया एट वर्क: बेटियां पहुंची पापा के ऑफिस, Video

रतलाम। पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश की जयंती बिटिया एट वर्क के रूप में मनाया गया। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम के साथ ही बेटियां जहां माता-पिता के ऑफिस पहुंचने के लिए उत्साहित नजर आई, वहीं अभिभावकों ने भी कार्यालय पहुंची बेटियों को अपनी कार्यप्रणाली से रूबरू कराते हुए उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। बेटियों ने अपने माता-पिता के कार्य स्थलों पर जाकर उनकी कुर्सी पर बैठकर उनके कार्यों को समझने का प्रयास किया।

Google source verification

पत्रिका की ओर से आयोजित ‘बिटिया एट वर्क’ का दिन खास रहा…जब अपने पिता के ऑफिस जाकर बेटियां बनीं बॉस, यह देख पापा को भी हुआ अपनी परियों पर नाज…बेटी के कुर्सी संभालते ही माता-पिता के खिले चेहरे। बेटियों को पैरेंट्स के ऑफिस जाकर हुई गर्व की अनुभूति…पिता के ऑफिस में आत्म विश्वास बढ़ाती बेटियों के चेहरे की खास चमक…

पत्रिका कार्यालय पहुंची बेटियां, कविता सुनाकर पाए पुरस्कार


बिटिया का नाम: बिटिया एट वर्क के अन्तर्गत पत्रिका कार्यालय पर भी परिवार की बेटियां उत्साह के साथ अपने पिता के कार्यालय पहुंची और उनके कार्य स्थल को देखा, किस तरह से कार्य करते है कम्प्यूटर पर बैठकर समझा। इस मौके पर आयुषी मकवाना, आर्या मकवाना, अनिष्का राठौर, अल्पना राठौर, दीपाली प्रजापति, आराध्यासिंह जोधा ने अपना-अपना परिचय देते हुए देशभक्ति से ओतप्रोत कविताएं भी सुनाई, जिन्हे अन्त में पुरस्कृत भी किया गया।


ऑफिस: जिला कलेक्टोरेट।
पिता का नाम: बालकृष्ण पाटीदार (जिला योजना अधिकारी)
बिटिया का नाम: रूपल पाटीदार
पहली बार पापा के नवीन कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंची रूपल ने पापा की कुर्सी पर बैठकर उनके कार्य को समझा, मन में जो सवाल उठे उनसे साझा किए।
रूपल
—————–
ऑफिस: एमसीएच रतलाम
पिता का नाम: डॉ. गौरव सक्सेना
बिटिया का नाम:गौरवी व शिवन्या सक्सेना
पापा की दोनों परिया आज एमसीएच पहुंची, गौरवी व शिवन्या ने पापा की गोद में बैठकर कम्प्यूटर पर देखा और स्टॉफ से भी मिलकर बहुत खुश हुई।
—————-

बेटी ने भी खूब इंजाय किया

ऑफिस: मेडिकल कॉलेज, रतलाम
पिता का नाम: डॉ. शिवानी सिन्हा
बिटिया का नाम: इशानवी।
बिटिया के साथ पहली बार मेडिकल कॉलेज पहुंची तो बहुत अच्छा और बेटी ने भी खूब इंजाय किया। स्टॉफ से चर्चा कर इशानवी को बहुत अच्छा लगा।
——————

ऑफिस: सनसिटी कॉलोनी, रतलाम
पिता का नाम: नीरज सक्सेना।
बिटिया का नाम: कृतिश्मा सक्सेना।
एडवोकेट पापा के ऑफिस में उनकी कुर्सी पर बैठकर पहली बार वकालत कैसे करते है का अनुभव लिया अच्छा लगा, पापा से वकालत के नियम भी समझे।
—————–
ऑफिस: कोर्ट परिसर, रतलाम।
पिता का नाम: राजेश गिरी।
बिटिया का नाम: कृति गिरी।
कृति ने पापा के साथ ऑफिस में बैठकर फाइलों में दर्ज केसों के बारे में समझा, इस दौरान पापा ने कई फाइले खोलकर अलग-अलग केस के बारे में समझाया।
—————-
ऑफिस: डीआईजी कार्यालय, रतलाम
पिता का नाम:मनोजकुमारसिंह।
बिटिया का नाम: भव्यासिंह।
घर की बात अलग है, लेकिन ऑफिस में पापा के अलग रूप का परिचय हुआ। ऑफिस जाकर अच्छा लगा, पुलिस के कार्य को पहली बार समझने का अवसर मिला।

——————-

ऑफिस का अनुभव भी अच्छा रहा

ऑफिस: होम्योपैथिक चिकित्सालय रतलाम।
पिता का नाम: डॉ. बलराजसिंह चौहान।
बिटिया का नाम: आराध्या चौहान।
मैं वैसे 15 अगस्त, 26 जनवरी पर पापा के साथ ऑफिस आती हूं, मुझे टीचर बनकर पढ़ाना अच्छा लगता, पापा के ऑफिस का अनुभव भी अच्छा रहा।

——————-
ऑफिस: हाईकोर्ट एडवोकेट
पिता का नाम:श्रवण कुमार यादव
बिटिया का नाम: अन्वीक्षा यादव
पिता ऑफिस में न्यू क्रिमिनल मेजर एक्ट्स, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 आदि के बारे में जानकारी ली, इस नए-पुराने कानून, धारा के बारे में समझा।

मुझे अपने पिता पर गर्व है


ऑफिस: 80 फीट रोड जीडी हॉस्पिटल
बिटिया का नाम:
पिता का नाम: डॉ. लेखराज पाटीदार।
ऑफिस आने के बाद जाना कि पापा किस तरह से मरीजों को देखते है। उन्हे विश्वास में लेकर उनका उपचार करते है। मुझे अपने पिता पर गर्व है।
—————

संस्था का नाम- श्री साई दूध डेयरी विक्रमगढ़, आलोट
पिता का नाम-पंडित ईश्वर शर्मा
बिटिया का नाम- आस्था शर्मा
मैं अपने पापा की डेयरी पर बेटे तरह कार्य भरपूर सहयोग करती हूं। पापा की अनुपस्थिति में भी दुकान बंद नहीं रहती हैं, यथावत दुकान कार्य कर लेती हूं।
आस्था