7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

10 घंटे में पहुंचे दिल्ली से मुंबई, 8 लेन एक्सप्रेस-वे से उद्योगपतियों की मौज

Delhi-Ratlam-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे सेंटर में स्थिति होने से रतलाम और आसपास के जिलों के किसान वर्ग को दोनों तरफ जाने में यह एक बेहतर सुविधा के रूप मे विकसित होगा.....

2 min read
Google source verification
Delhi-Ratlam-Mumbai Expressway

Delhi-Ratlam-Mumbai Expressway

Delhi-Ratlam-Mumbai Expressway: नई दिल्ली-रतलाम-मुंबई एक्सप्रेस वे रतलाम के औद्योगिक निवेश क्षेत्र के लिए ऑक्सीजन का काम करेगा। इसके बनने के बाद कारोबार, उद्योग, यात्री सभी को इससे लाभ होना शुरू हो गया है। मात्र दस घंटे में मुंबई या नई दिल्ली कारोबारी लदान भेज पा रहे हैं।

मप्र के रतलाम में सबसे अघिक हिस्सा इस 8 लेन का निकल रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा लाभ भी रतलाम को ही मिलना है, क्योंकि इस 8 लेन के करीब ही औद्योगिक निवेश क्षेत्र बन रहा है।

9 पैकेज में बांटा एमपी

8 लेन पर माल परिवहन व यात्री वाहनों ने रफ्तार पकड़ ली है। अब जरूरत है रतलाम के औद्योगिक निवेश क्षेत्र में बुनियादी व आधारभूत ढांचा तैयार करने की, जिससे रतलाम में रोजगार के नए अवसर बने। मप्र के 244 किमी वाले हिस्से वाले इस 8 लेन की सबसे अधिक लंबाई रतलाम जिले से निकल रही है।

जिले में हरी सब्जियों की काफी बड़े स्तर पर खेती होती है। यहां से सब्जियों को मुंबई या दिल्ली ले जाने में पहले दो दिन का समय लगता था। तब तक ताजी सब्जियां खराब हो जाती थी और इनका उपयोग नहीं होने से कोई यह जोखिम नहीं उठाता था। अब 12 घंटे में दिल्ली या मुंबई के बाजार में सब्जी पहुंचाई जा सकेगी।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे सेंटर में स्थिति होने से रतलाम और आसपास के जिलों के किसान वर्ग को दोनों तरफ जाने में यह एक बेहतर सुविधा के रूप मे विकसित होगा। मालवा में मटर, टमाटर और हरी मिर्च की बड़े स्तर पर खेती होेती है और यह वस्तुएं अगले ही दिन दिल्ली या मुंबई भेजी जा सकेगी।

उद्योगपति आकर लगाएंगे उद्योग

रतलाम की फैक्टरियों से उत्पादित माल को मुंबई या गुजरात के कांडला बंदरगाह तक पहुंचाने में रेल मार्ग या फिर दूसरे मार्गों का उपयोग करना पड़ता था। एक्सप्रेस वे से अगले ही दिन इनकी बंदरगाहों पर डिलीवरी होने से व्यापार में बूम आएगी और समय पर डिलीवरी करने से व्यापार में इजाफा होगा।

जिले के पलसोड़ी गांव के यहां 1500 से ज्यादा हैक्टेयर क्षेत्र में इंडस्ट्रियल कॉरीडोर का निर्माण शुरू हो चुका है। यहां गुजरात और महाराष्ट्र से उद्योगपति आकर उद्योग लगाएंगे। सैंकड़ों बड़ी और छोटी फैक्टरियां लगना है। एक्सप्रेस वे के पूरा चालू होने की दशा में यहां के उत्पादन को अन्य राज्यों तक आसानी से भेजा जा सकेगा। इंडस्ट्रियल कॉरीडोर का निर्माण ही एक्सप्रेस के ठीक पास किए जाने से यह फायदा मिलेगा। इतना ही नहीं रतलाम का गोल्ड, सेव, साड़ी कारोबार को भी लाभ मिलेगा। इससे छोटे कारोबारी बाहर से कम समय में उत्पाद मंगवा सकेंगे तो रतलाम से भेजने में भी लाभ होगा।