सीरत कमेटी के सदर नासीर कुरैशी, हाजी सगीर कुरैशी, हाजी अफजल कुरैशी, हाजी रइस कुरैशी, एहमदनूर कुरैशी आदि ने बताया कि बग्गी में शहरकाजी एहमद अली व हाफिज बिलाल रहे। जुलूस का जगह-जगह विभिन्न कमेटिया, संस्था-संगठन पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। रास्ते में मिठाई, फल, बिस्किट आदि वितरित किए। जुलूस प्रमुख मार्गों से होते हुए पुन: कुरैशी मंडी पहुंचा। जहां पर मुस्लिम समाज के धर्मगुरुओं की ओर से सामूहिक रूप से मुल्क एवं शहर में अमन चैन-साम्प्रदायिक सद्भाव व खुशहाली के लिए दुआ की।
ईद मिलाद्दुनबी जुलूस मार्ग व्यवस्था
ईद मिलादुन्नबी का जुलूस आबकारी चौराहा से शुरू होकर लोहार रोड, हरदेवलाला पिपली, तोपखाना, चांदनी चौक, कसारा बाजार, भरावा कुई, रंगरेज रोड़, घास बाजार, खेरादी वास, डालुमोदी बाजार, पैलेस रोड, महलवाड़ा, सूरजपोर, मोचीपुरा चौराहा, नगरनिगम, मेहंदीकुई, छत्रीपुल, थाना स्टेशन रोड, घोड़ा चौराहा, दो बत्ती चौराहा, न्यू रोड, लोकेंद्र टाकीज, शहरसराय, शहीद चौक, आबकारी चौराहा, कसाई मंडी पर समाप्त हुआ।
दिशा निर्देशों का करें पालन
मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में चल रही तकरीरों का समापन बुधवार को पिछले 12 दिनों से हुआ। चीफ़ काजी सैयद आसिफ अली ने बताया इस दौरान बाहर से आए धर्म गुरुओं ने पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। ईद मिलादुन्नबी पर निकले वाले जुलूस का मार्ग मोचीपुरा से बदला गया है, पहले जुलूस मोचीपुरा से काजीपुरा शैरानीपुरा कॉन्वेंट स्कूल होते हुए दो बत्ती पहुंचता था, लेकिन इस बार जुलूस मोचीपुरा से मेहंदीकोई बालाजी मंदिर, छतरी पुल होता हुआ दो बत्ती पहुंचेगा। अली ने जुलूस में शिरकत करने वाले सभी लोगों से शांति सद्भाव और आपसी प्रेम भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह करते हुए आयोजक कमेटी के जारी दिशा निर्देश का पालन करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही।