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रतलाम. मैंटनेंस गतिविधियों में तेजी, ट्रांसफार्मरों की सेहत की सघन मानिटरिंग और जरूरत होने पर तेजी से रिपेयरिंग, नगरीय इलाकों में केबलीकरण पर जोर व अन्य मापदंडों के पालन से शहरों में दैनिक बिजली आपूर्ति का समय पहले से दो मिनिट औसत बढ़ा है। सबसे ज्यादा दैनिक औसत आपूर्ति इंदौर में हो रही है, यह 23.57 घंटे है। उपभोक्ताओं से संतुष्टि का आंकड़ा 99.84 प्रतिशत है, जो मप्र में सबसे ज्यादा है।
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने बताया कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में उत्तरोत्तर सुधार किया जा रहा हैं। सिर्फ मैंटेनेंस के लिए बिजली बंद रखी जाती है, पूर्व तय मैंटनेंस व अन्य जरूरी कार्यों के लिए बिजली बंद रखने की उपभोक्ताओं को सूचना एक दिन पहले दी जाती है। मैंटेनेंस व बिजली के नए कार्यों के लिए आपूर्ति कुछ समय बंद रखने के अलावा 24 घंटे आपूर्ति की व्यवस्था है।
मप्र में सबसे ज्यादा
इंदौर शहर की पहले की तुलना में दैनिक औसत आपूर्ति बढ़कर अब 23 घंटे 57 मिनट हो गई है। दैनिक औसत आपूर्ति इंदौर ग्रामीण आबादी क्षेत्र में 23.53, खरगोन में 23.53, उज्जैन में 23.51, देवास में 23.50, धार 23.50, मंदसौर 23.50, नीमच 23.49, रतलाम शहर में 23.53 व रतलाम जिले के जावरा, आलोट, सैलाना, ताल, अन्य निकायों में 23.48 घंटे हो रही है। प्रबंध निदेशक तोमर ने बताया कि ऊर्जामंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देशानुसार आपूर्ति संबंधी फीडबैंक के लिए प्रतिदिन 500 से ज्यादा उपभोक्ताओं से फोन पर संपर्क किया जा रहा है। उपभोक्ताओं से संतुष्टि का आंकड़ा 99.84 प्रतिशत है, जो मप्र में सबसे ज्यादा है। सबसे ज्यादा दैनिक औसत आपूर्ति इंदौर में हो रही है, यह 23.57 घंटे है। उपभोक्ताओं से संतुष्टि का आंकड़ा 99.84 प्रतिशत है, जो मप्र में सबसे ज्यादा है।
Published on:
11 Jan 2022 10:00 pm
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