
Exclusive : Ratlam mayor big announcement before oath, watch video
रतलाम. शहर के नए और नगर निगम के छठे महापौर प्रहलाद पटेल के मन में शहर में करने के लिए कई योजनाएं है। बस चले को एक बटन दबाए और समस्याएं हल कर दें, महापौर पटेल के अनुसार जनता ने उनको सिर्फ वोट ही नहीं दिया है, बल्कि अपना प्रेम और स्नेह के साथ भरोसा भी सौपा है। जनता जब चाहे जैसे कान पकड़कर काम करवा सकती हैं। नए महापौर पत्रिका के कार्यालय में थे, अवसर था उनसे शहर की योजनाओं, नगर निगम के बजट, वरिष्ठ के साथ समन्वय से लेकर भावी योजनाओं पर बात का।
पत्रिका : कई चुनौतियां सामने है, कई इच्छाएं शहर की है,क्या प्राथमिकता है
महापौर : शहर की सीवरेज से खराब हुए रोड को सुधारना, अवैध कॉलोनियों को वैध करना प्राथमिकता है। स्वयं सीएम शिवराज सिंह चौहान इस मामले में कह चुके है। रतलाम के सभी बगीचों को हाईटैक करेंगे, ओपन जीम लगाएंगे।
पत्रिका : शहर में मनोरंजन के केंद्र की कमी है, कुछ उद्यान को छोड़ दें तो अधिक पार्क नहीं है। बच्चों के लिए क्या योजना है।
महापौर : शहर के गंगासागर क्षेत्र को डेवलप हमारी परिषद करेगी। बच्चों और माता - बहनों ने काफी प्रेम दिया है।
पत्रिका : पेयजल को लेकर सबसे अधिक समस्या है, अनियमित पेयजल वितरण की समस्या है।
महापौर : नियमित पेयजल मिले, यह हमारा संकल्प है, लेकिन इस बात को भी समझना होगा कि कभी बिजली तो कभी अन्य समस्या आती है तो व्यवस्था पटरी से उतरती है। इसलिए हम वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को अनिवार्य लागू करेंगे। इससे शहर का भूमिगत जलस्त्रौत बढ़ेगा। शहर में कई क्षेत्र ऐसे है जहां 1100 से 1900 फीट तक भूमिगत पेयजल चला गया है।
पत्रिका : नगर निगम में नामातंरण का काम लंबे समय से रुका हुआ है।
महापौर : सिर्फ नामांतरण ही नहीं, बल्कि नगर निगम की पूरी प्रक्रिया को सरल करेंगे। यह वादा है कि कोई माता - बहन को नगर निगम के किसी भी काम के लिए चक्कर नहीं काटना होंगे। इस शहर ने सिर्फ वोट ही नहीं दिए, बल्कि अपना प्रेम और स्नेह दिया है, उस कर्ज को विकास कर ब्याज सहित लौटाया जाएगा। यह शहर अपना और मैं शहर का हूं, जब जनता चाहे, जैसा चाहे, कान पकड़कर काम करवा सकती है।
पत्रिका : पर बाजार में सबसे अधिक समस्या विशेषकर डालूमोदी बाजार से लेकर चांदनीचौक तक महिलाओं के सुविधाघर की है।
महापौर : जब पार्षद था, तब पूरे शहर में सबसे अधिक सुविधाघर वार्ड में बनवाए। मुझे काम कराना और लेना आता है। शहर की माता - बहन को वादा है जल्दी ही उनको इस मामले में समस्या से समाधान मिल जाएगा।
पत्रिका : नगर निगम का बजट करीब तीन अरब रुपए का है 70 प्रतिशत राशि तो वेतन में जाती है, निर्माण कैसे होंगे।
महापौर : शहर में अधिकांश व्यवसायीक भवन घर में चल रहे है। बस वो लोग अगर सही टैक्स देना शुरू करेंगे तो काफी समस्या हल हो जाएगी। सभी से आग्रह है कि पेयजल सहित सभी प्रकार के टैक्स समय पर दें, दिया हुआ धन शहर के लिए ही काम आता है।
Published on:
23 Jul 2022 08:05 pm
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