
Darkness under the lamp...
सबसे खास बात यह है कि पूर्व में वर्तमान महापौर का वार्ड भी यही रहा, लेकिन समस्या आज तक जस की तस बनी हुई। हाल तो यह है कि शासकीय कर्मचारी होने पर कोई इसका विरोध भी करना नहीं चाहता। उल्लेखनीय है कि शासकीय आवास ब्लाक ए और ब्लाक बी अलकापुरी में 12-12 परिवार निवास करते हैं। इसमें 20 शासकीय कर्मचारी है, जिसमें डाक्टर, महिला बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, प्रीसिंपल, और होमगार्ड जबान भी निवास करते हैं। यहां हर दिन या फिर एक दिन छोड़ कर नगर निगम की ओर से टैंकर आता है, जो सम्पवेल भर जाता है। कभी ड्रायवर नहीं होने पर या फिर कहीं और टैंकर चले जाने परेशान होना पड़ता है, ज्यादा जरुरत होने पर स्वयं के व्यय से टैंकर मंगवाना पड़ता है।
टीएल बैठक में उठ चुका मामला
रहवासियों का कहना है कि टीएल बैठक में कई बार मल्टी में पानी समस्या के मुद्दे उठ चुके हैं। जिसका अस्थाई रूप से निराकरण कर टैंकर सुचारू रूप से चालू कर दिया जाता है, लेकिन फिर वहीं परेशानी कभी आ रहा है तो कभी नहीं। कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम चाहे तो स्थाई निराकरण हो सकता था, क्योंकि यहां पानी की टंकी भी और पानी की पाइप लाइन भी समीप से ही जा रही है, लेकिन विचारणीय प्रश्न है कि अब तक यह व्यवस्था हो क्यों नहीं पाई।
हर घर की टंकी पर लग जाता ताला
शासकीय कर्मचारियों को पानी की इतनी दिक्कत है कि उन्हे हर दिन अपनी-अपनी टंकियों में ताला लगाना पड़ता है, ताकि पानी इधर-उधर नहीं हो जाए। बुधवार को भी मात्र 10 मिनट पानी आया और टंकियां खाली हो गई।
ट्यूबवेल चालू करवा देंगे
टैंकर से पानी की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन हम भी चाहते है यह व्यवस्था बंद हो। समीप में एक ट्यूबवेल है उसे चालू करवा दिया जाएगा। जिससे टैंकर की समस्या खत्म हो जाएगी। डायरिया भी सबकी नहीं बनी हुई है।
प्रहलाद पटेल, महापौर, नगर निगम रतलाम
Updated on:
20 Oct 2022 12:21 pm
Published on:
20 Oct 2022 12:03 pm
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