
shipra Express train engine failure
रतलाम। रेल मंडल की दूसरी व मुख्यालय की पहली महिला रेल चालक बीना मुरलीधरन ने बुधवार को रलताम से बड़ोदरा तक मालगाड़ी को दौड़ाया। इसके पूर्व वरिष्ठ अधिकारी सहित दोनों प्रमुख संगठन के पदाधिकारी चालक का हौसला बढ़ाने स्टेशन पहुंचे व पुष्पमाला आदि से स्वागत किया।
चालक मुरलीधरन शंटर से लेकर सहायक व अब चालक रतलाम में ही बनी है। इनके पूर्व 2017 में उज्जैन में संध्या यादव ने उज्जैन से भोपाल तक पहली बार ट्रेन चलाई थी। मंडल में इस समय 6 महिला सहायक चालक है, जो अलग-अलग स्थान पर पदस्थ होकर ट्रेन चला रही है।
मुरलीधरण रेलवे स्टेशन पहुंची
सुबह 11 बजे मुरलीधरण रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां पर ब्रिथ एनॉलाइजर से परीक्षण के बाद वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ व वेस्टर्ल रेलवे एम्प्लाईज यूनियन के प्रमुख पदाधिकारियों ने मुरलीधरना का स्वागत किया। इनके बाद मंडल के रेलपथ इंजन निरीक्षक पीके विश्वास, वरिष्ठ मंडल टीआरओ प्रदीप मीणा आदि ने भी स्वागत किया।
ये गए साथ इनके
मुरलीधरन के साथ सहायक के रुप में इंजन चालक राजेश पंडित, मुख्य इंजन निरीक्षक पीके विश्वास साथ गए है। गोधरा तक ट्रेन लेकर जाने वाली मंडल की मुरलीधरन पहली महिला चालक बन गई है। ट्रेन चलाने के पूर्व मुरलीधरन ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उनका लक्ष्य राजधानी ट्रेन चलाने का है। इसके लिए वे लगातार मेहनत कर रही है व भविष्य में एक दिन जरूर राजधानी ट्रेन की चालक बनेंगी। बता दे कि बीना अब तक सहायक चालक के रुप में कार्य कर रही थी व मंगलवार को ही उन्होंने मुख्य चालक के रुप में होने वाली परीक्षा को पास किया था।
लंबा है केरल से रतलाम तक का सफर
बीना ने बताया कि वे मुख्यत: केरल की रहने वाली है। आरआरबी अजमेर की परीक्षा को पास करने के बाद नकी पहली पदस्थापना रतलाम में हुई थी। इंजन चालक के लिए उनको साबरमती, उदयपुर, रतलाम के साथ-साथ बड़ोदरा में अलग-अलग चरण की परीक्षा से गुजरना पड़ा। दो वर्ष तक मालगाड़ी चलाने के बाद विभागीय परीक्षा पास करके यात्री ट्रेन चलाने का लक्ष्य मुरलीधरन ने तय किया हुआ है।
Published on:
19 Dec 2018 03:20 pm
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