Ganesh Chaturthi 2019: गणेश चतुर्थी की रात विवाह बाधा दूर करने के 21 आसान उपाय

Ganesh Chaturthi - mantra to get married - 21 easy tips to remove marriage barrier on the night of Ganesh Chaturthi, if you do even one, the marriage will be done

By: Ashish Pathak

Updated: 28 Aug 2019, 11:34 AM IST

रतलाम। Ganesh Chaturthi 2019: हिन्दू संस्कृति और पूजा में भगवान श्रीगणेश जी को सबसे पहला स्थान दिया गया है। प्रत्येक शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश की ही पूजा की जाती अनिवार्य बताई गयी है। देवता भी अपने कार्यों की बिना किसी विघ्न से पूरा करने के लिए गणेश जी की अर्चना सबसे पहले करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि देवगणों ने स्वयं उनकी अग्रपूजा का विधान बनाया है। विवाह में सबसे पहले श्री गणेश को याद किया जाता है। अगर जन्म कुंडली में विवाह की बाधा किसी भी ग्रह की वजह से आ रही है तो बेहतर है कि भगवान गणेश के दिए 21 आसान उपाय गणेश चतुर्थी की रात किए जाए। इससे बाधा दूर होती है व जल्दी विवाह के योग बनते है। ये बात रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने कही।

ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने कहा कि गणेश जी का वायु मंडल में सबसे अधिक प्रभाव बुधवार के दिन रहता है। गणपति को बुध ग्रह का कारक देव माना जाता है, इसीलिए बुधवार को भगवान गणेश का वार माना जाता है। ऐसे में बुधवार को गणेश की पूजा विशेष मनोरथ सफल करने वाली मानी जाती है। मान्यता के अनुसार गणेश जी की पूजा न केवल आपके कार्यों में आ रही अड़चनों को हटाती है, बल्कि आपकी हर मनोकामना को भी पूरी करती है। इसके अलावा चतुर्थी तिथि को गणेश पूजा से सबसे अधिक लाभ होता है।

आसान है प्रसन्न करना

ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने कहा कि कहा गया है कि जिस तरह भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए किसी विशेष सामग्री और विधि की जरूरत नहीं होती है, उसी प्रकार माता पार्वती और शिव पुत्र गणेश को प्रसन्न करना भी आसान है। गणेश जी अपने भक्त की श्रद्धा और भक्ति देखते हैं। जो भक्त इनके प्रति जितनी श्रद्धा रखता है, गणेश जी उस पर उतने ही कृपालु बने रहते हैं। शास्त्रों में भी गणेश जी को खुश करके उनसे झट विवाह सहित अन्य मनोकामना पूरी करवाने के कुछ उपाय बताए गए हैं।

Ganesh Chaturthi 2019 easy steps to remove marriage barrier

दूर्वा से उपाय

ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने कहा कि गणेश जी को खुश करने का सबसे सस्ता और आसान उपाय है दूर्वा से गणेश जी की पूजा करना। दूर्वा गणेश जी को इसलिए प्रिय है क्योंकि दूर्वा में अमृत मौजूद होता है। गणपति अथर्वशीर्ष में कहा गया गया है कि जो व्यक्ति गणेश जी की पूजा दुर्वांकुर से करता है, वह कुबेर के समान हो जाता है। कुबेर देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं। कुबेर के समान होने का मतलब है व्यक्ति के पास धन-धान्य की कभी कमी नहीं रहती है। इसके अलावा नौकरी से लेकर विवाह की बाधा दूर होती है।

मोदक से उपाय

ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने कहा कि गणेश जी को खुश करने का दूसरा सरल तरीका है मोदक का भोग। गणपति अथर्वशीर्ष में लिखा है कि जो व्यक्ति गणेश जी को मोदक का भोग लगाता है गणपति उनका मंगल करते हैं। मोदक का भोग लगाने वाले की मनोकामना पूरी होती है। शास्त्रों में मोदक की तुलना ब्रह्म से की गयी है। मोदक भी अमृत मिश्रित माना गया है। इस उपाय से शीघ्र विवाह होता है।

 

घी से उपाय
ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने कहा कि पंचामृत में एक अमृत घी होता है। घी को पुष्टिवर्धक और रोगनाशक कहा जाता है। भगवान गणेश को घी काफी पसंद है। गणपति अथर्वशीर्ष में घी से गणेश की पूजा का बड़ा महात्म्य बताया गया है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति गणेश जी की पूजा घी से करता है उसकी बुद्धि प्रखर होती है। घी से गणेश की पूजा करने वाला व्यक्तिअपनी योग्यता और ज्ञान से संसार में सब कुछ हासिल कर लेता है।

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गणेश भगवान की पूजा विधि
ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने कहा कि सुबह स्नान ध्यान आदि से शुद्ध होकर सर्वप्रथम ताम्र पत्र के श्री गणेश यन्त्र को साफ मिट्टी, नमक, निम्बू से अच्छे से साफ किया जाए। पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख कर के आसान पर विराजमान हो कर सामने श्री गणेश यन्त्र की स्थापना करें। शुद्ध आसन में बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली लाल, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर, इनकी आरती की जाती है। अंत में भगवान गणेश जी का स्मरण कर ऊँ गं गणपतये नम: का 108 नाम मंत्र का जाप करना चाहिए।

गणेश मंत्र का स्मरण करें
त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।
नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम।

अर्थात भगवान गणेश आप सभी बुद्धियों को देने वाले, बुद्धि को जगाने वाले और देवताओं के भी ईश्वर हैं। आप ही सत्य और नित्य बोधस्वरूप हैं। आपको मैं सदा नमन करता हूं। कम से कम 21 बार इस मंत्र का जप जरुर होना चाहिए।

ग्रह दोष और शत्रुओं से बचाव के लिए
इसमें भगवान गणेश जी के बारह नामों का स्मरण किया गया है। इन नामों का जप अगर मंदिर में बैठकर किया जाए तो यह उत्तम बताया जाता है। जब पूरी पूजा विधि हो जाए तो कम से कम 21 बार इन नामों का जप करना शुभ होता है। इससे विवाह की बाधा दूर होती है।

गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक।
नीलग्री वो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।

न उपाय से होता है जल्दी विवाह
- गणेश चतुर्थी की रात को गणेश भगवान के मंदिर में 108 दुर्वा चढ़ाने व ये कार्य नियमित 21 दिन तक करने से नौकरी से लेकर विवाह की बाधा दूर होती है।
- बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना करने से समस्त प्रकार की तंत्र शक्ति का नाश होता है। अगर विवाह इस बाधा से नहीं हो पा रहा है तो उपाय के बाद जल्दी होता है।
- धन प्राप्ति के लिए बुधवार के दिन श्री गणेश को घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है। धन की कमी से विवाह नहीं हो पा रहा है तो जल्दी होता है।
- परिवार में कलह कलेश हो तो बुधवार के दिन दूर्वा के गणेश जी की प्रतिकात्मक मूर्ति बनवाएं। इसे अपने घर के देवालय में स्थापित करें और प्रतिदिन इसकी विधि-विधान से पूजा करें। इस समस्या के चलते विवाह नहीं हो पा रहा है तो जल्दी होता है।
- घर के मुख्य दरवाजे पर गणेशजी की प्रतिमा लगाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती है। अगर नकारात्मक शक्ति की वजह से विवाह में बाधा है तो वो दूर होती है।

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Ashish Pathak Reporting
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