
रतलाम। मध्यप्रदेश का एक ऐसा शहर जिसने एक ही शाम में दो बडे़ विश्व रिकार्ड में अपना नाम कर लिया। नाम भी ऐसे काम में किया, जो आज तक दुनिया में कोई नहीं कर पाया। अब मध्यप्रदेश के इस शहर का नाम हमेशा के लिए स्वर्ण अक्षर में दर्ज हो गया।
mp.patrika.com आपको बताने जा रहा है आखिर ऐसा क्या हुआ, जो इस शहर ने एक ही समय में दो World Records बना दिए..।
पहला World Records
एक साथ एक लाख 21 हजार दीप जले
रत्नपुरी की मां कालिका के दरबार में बना झाली तालाब इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। रविवार ७ जनवरी २०१८ की शाम एतिहासिक एकात्मयात्रा की पूर्व संध्या पर आदि गुरु शंकराचार्य के अद्ववेत दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने के लिये 121000 दीपकों को एक साथ प्रज्जवलित कर गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड और व्रज जैसी जानी मानी अंतरास्ट्रीय संस्था ने भी इसे विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया। अद्भूत दृश्य को निहारने के लिए भी १२-१५ हजार शहरवासी एकत्रित हुए।
गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड भारत के सीओ डॉ.मनीष वैश्नोई ने बताया कि बहुत सुंदर आयोजन हुआ। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद् के माध्यम से जो यह आयोजन किया है, इसे हम गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में ले रहे हैं। इसके पूर्व रिकार्ड मंदसौर का था जिसमें ५० हजार दीप प्रज्जवलित किए गए थे, जिसे यहां तोड़ दिया गया है। इसका आज हम सर्टिफिकेट दे रहे है फायनल सर्टिफिकेट भी बहुत जल्द दे दिया जाएगा। इसके लिए मैं पूरी टीम को बधाई देता हूं। जैसे ही रिकार्ड की घोषणा हुई भारत माता के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। व्रत बुक्स जानी-मानी संस्था के जितेंद्र राणावत ने भी मंच से वल्र्ड रिकार्ड की घोषणा करते हुए कहा कि व्रज बुक्स में पहले १ लाख दीयों का त्रिपुरा में रिकार्ड था, जिसे आज रतलाम में तोड़ दिया गया है। रतलामवासियों को बहुत बधाई व्रज का भी वल्र्ड रिकार्ड यहां बन गया है।
नगर प्रस्फुटन समिति की 15 दिन की तैयारी
रतलाम जिले के युवाओं ने किया 121000 दीपकों से किया दीपयज्ञ का महाआयोजन को लेकर मप्र जन अभियान परिषद् की नगर प्रस्फुटन समिति के तत्वावधान में सदस्यों की 15 दिन की सुनियोजित तैयारी ने रतलाम का नाम विश्व पटल पर रखा। यह हमारी पुरातन संस्कृति का भी अंग है। इसी संस्कृति के तहत दीपयज्ञ का आयोजन शुभ अवसर पर शुभ कार्य के लिए किया जाता है। नगर विकास प्रस्फुटन समिति द्वारा रतलाम जिले के प्रमुख स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, रतलाम शहर की युवा शक्ति , मात्र शक्ति को पंजीयन कर जोड़ा गया था।
40 समाजों के प्रमुख पहुंचे दीप यज्ञ में
एकात्मता से सामाजिक समरसता व सदभाव को पोषित करने हेतु गायत्री परिवार कि वैदिक रीति से दीपयज्ञ का महा आयोजन किया गया। शहर के हजारों युवाओं, जनसामन्य के बीच 40 अलग-अलग समाजों के समाज प्रमुखों ने इस दीपयज्ञ में अपनी आहुति दी। सुबह 11 बजे से कार्यक्रण में अनुठी परंपरा का पालन करते हुए सभी समाज प्रमुखों को सहसम्मान उन्हें झाली तालाब कि हथनियों पर ऊपर बने 16 अलग-अलग चबूतरों पर खड़े होकर दीपयज्ञ व वैदिक मंत्रों, आदी गुरु शंकर द्वारा रचित नर्मदास्टक के गान तथा साथ ही 108 दीपमाला से मां भारती की आरती कर जो जहां खड़े है, वही पर से आराधना की गई। यह प्रयास कई मायनों में रतलाम के सभी जाति, धर्म, वर्ण के भेदभाव को भुलाकर सभी को एक सूत्र में बांधा। रतलाम की जनता ने प्रथम बार यथासंभव तन-मन-धन से सहयोग कर इस कार्यक्रम को विराट स्वरूप प्रदान किया। करीब १२-१५ हजार शहरवासी विश्व रिकॉर्ड की साक्षी बने।
रतलाम में रचने वाला इतिहास भारत का गौरव बढ़ाएगा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जन अभियान परिषद् व यात्रा समन्वयक प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि दीप यज्ञ के माध्यम से रतलाम में रचने वाला इतिहास भारत का गौरव बढ़ाएगा। इसका मतलब है जहां अधियारा है वहां प्रकाश पहुंचाना। आदि गुरु शंकराचार्य की एकात्म यात्रा का रतलाम में ८ जनवरी को प्रवेश करेगी। यात्रा १९ दिसंबर से निरंतर पूरे मध्य प्रदेश के अनेको जिले और विकासखंडों से होते हुए रतलाम आ रही है। यात्रा का उ²ेश्य है कि आदीशंकराचार्य के उ²ेश्य जन-जन तक पहुंचे। योजना आयोग के उपाध्यक्ष व शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा कि रतलाम नगर के भविष्य को सुधारने के लिए जन अभियान परिषद् के माध्यम से देश दुनिया में आव्हान दिया है, बन रहा है नया रतलाम आने वाला वर्ष रतलाम का सुख और सुंदर होगा। जिला जनअभियान परिषद् के उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार के नेतृत्व में करीब ८०० कार्यकर्ताओं की टीम ने एक साथ विधिवत दीप प्रज्जवलित करने का कार्य किया। संचालन जिला जनअभियान परिषद् उपाध्यक्ष रत्नेश विजयवर्गीय ने किया। इस मौके पर घटवास वाले गुरुजी दिनेश व्यास, कामख्य के मधुसूधन शास्त्री, महापौर डॉ. सुनिता यार्दे, दिनेश वाफगांवकर, गायत्री परिवार के विवेक चौधरी, भरत बैरागी आदि ने भी संबोधित किया। आभार गौरव काकानी ने किया।
दूसरा World Records
एक साथ जले मोबाइल के टार्च, दी बच्चों को श्रद्धांजलि
पहली बार मोबाईल की रोशनी से जगमगाया झाली तालाब। झाली तालाब पर दीपोत्सव को निहारने के लिए पहुंचे रतलावासियों ने आयोजन के दौरान अपने मोबाईल की लाईट जलाकर भी एक रिकार्ड कायम किया। यहां जन अभियान परिषद् के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय के आव्हान पर करीब १० हजार लोगों ने एक साथ मोबाईल जलाकर रिकार्ड बनाया। इस मौके पर स्कूल बस दुर्घटना में बच्चों को दीपयज्ञ के माध्यम से श्रद्धांजलि स्वरूप दो मिनट का मौन रखा गया।
रिकार्ड के पूर्व एक नजर में
1 लाख 21 हजार दीप प्रज्जवलित
1 लाख 21 हजार दीप का बना रिकार्ड
2 घंटे जला एक दीपक
1200 किलो तेल का हुआ उपयोग
800 कार्यकर्ताओं ने दिया सहयोग
40 समाज के प्रमुख पहुंचे
६.४३ बजे मोबाईल चलाकर रिकार्ड बनाया
६. ५८ बजे दीप यज्ञ की शुरुआत
७.४७ बजे वल्र्ड रिकार्ड की घोषणा
Published on:
08 Jan 2018 02:45 pm
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